लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों, नागरिक समाज के सदस्यों और छात्र संगठनों को चाय पर बुलाया है। यह कार्यक्रम उनके आवास पर होगा। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार दोपहर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी। इसके बाद राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर चाय का कार्यक्रम रखा गया है।
निमंत्रण में लिखा है, आज (सोमवार) लोकतंत्र बचाओ मार्च और याचिका सौंपने के बाद, कल दोपहर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद चाय का कार्यक्रम होगा। मैं आपको मंगलवार, 13 अक्तूबर को शाम 4 बजे, 5, सुनहरी बाग रोड, नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आने के लिए आमंत्रित करता हूं'।
यह घटनाक्रम वोट चोरी के आरोपों को लेकर हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आया है। सोमवार को यह विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था।
विपक्ष के बड़े नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ मिलकर 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकाला। इसके लिए भारी बैरिकेडिंग वाले रास्ते से मार्च किया गया। विपक्षी नेताओं ने एसआईआर और चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ संयुक्त याचिका भी दायर की। राष्ट्रीय राजधानी में इस प्रदर्शन को विपक्ष की ताकत दिखाने के बड़े प्रयास के तौर पर देखा गया।
राहुल गांधी की कानूनी टीम ने निर्वाचन आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। याचिका को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया है और इसका डायरी नंबर 64196/2026 है। जानकारी के अनुसार, यह याचिका 12 अक्तूबर 2026 को शाम 4:37 बजे दायर की गई है। फिलहाल इसकी स्थिति लंबित दिख रही है और इसका केस नंबर डब्ल्यू.पी.(सी) नंबर के तहत दर्ज हुआ है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
यह याचिका अकेले राहुल गांधी की नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के 11 बड़े नेताओं की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रसन्ना एस इस मामले में पैरवी कर रहे हैं। याचिका में कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें पहला प्रतिवादी निर्वाचन आयोग (ईसीआई) है, जबकि अन्य तीन प्रतिवादी चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।
सूत्रों के अनुसार, याचिका में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिका की पूरी कॉपी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन माना जा रहा है कि इसमें हाल के चुनावों में हुई कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया गया है।
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कानूनी जानकारों का मानना है कि मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण इसे तत्काल सुनवाई के तौर पर मंगलवार को सुनवाई के लिए लगाया जा सकता है।
राहुल गांधी पहले भी निर्वाचन आयोग पर कथित 'वोट चोरी' और पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं। अब इस कानूनी लड़ाई के जरिये विपक्ष ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।