गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संसद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरात पहुंचे। इस दौरान वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी आणंद में पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। वहीं, आज वो वडोदरा के जितोदिया गांव में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
इस मुलाकात में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, स्थानीय सहकारी समितियों की स्थिति और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। बैठक में स्थानीय किसानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उम्मीदवारों के चयन में जिलास्तरीय नेताओं की राय को महत्व दिया जाएगा। यह शिविर ‘संगठन सुजन अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है और इसका उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना है।
चुनाव आयोग को बताया पक्षपाती अंपायर
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में कांग्रेस की चुनावी हार की एक वजह ‘पक्षपाती अंपायर’ यानी चुनाव आयोग रहा है। उन्होंने क्रिकेट की भाषा में समझाते हुए कहा कि जब बार-बार खिलाड़ी आउट हो, तो शक खुद पर नहीं, अंपायर पर होता है। राहुल का यह बयान 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप के संदर्भ में था।
भाजपा को उसके गढ़ में हराना जरूरी- राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा को अगर गुजरात जैसे उसके मजबूत गढ़ में हराया जाए, तो देशभर में बदलाव संभव है। उन्होंने बताया कि अब पार्टी उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे बड़े राज्यों के साथ-साथ गुजरात पर भी फोकस कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि गुजरात में जीत, राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा संदेश दे सकती है।
आरएसएस पर लगाया सामाजिक भेदभाव का आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर सामाजिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ये संगठन यह तय करते हैं कि मंदिर में किसे कितना ‘प्रसाद’ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई अनुसूचित जाति, जनजाति या ओबीसी आता है, तो उसे कुछ और मिलता है, लेकिन अगर अडानी-अंबानी आते हैं, तो उन्हें विशेष सुविधा दी जाती है। यह देश के लोकतंत्र और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
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महिसागर पुल हादसे के पीड़ितों के परिजन राहुल से मिले
इस महीने की शुरुआत में गुजरात में महिसागर नदी पर पुल ढहने की घटना के कुछ पीड़ितों के परिजनों ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। राहुल गांधी ने उनकी मदद का आश्वासन दिया। वडोदरा जिले के गंभीरा गांव के पास 40 साल पुराने पुल का एक हिस्सा 9 जुलाई को ढह गया था, जिसके बाद कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए थे। इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी।
दूध किसानों के साथ संवाद
शिविर के उद्घाटन के बाद राहुल गांधी शाम करीब 3 बजे गुजरात की विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह बातचीत खासकर हाल ही में साबर डेयरी के बाहर हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें दूध किसानों ने दूध खरीद दरों को लेकर विरोध जताया था। साबर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन से जुड़ी हुई है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती है।
सहकारी मॉडल को लेकर भाजपा पर निशाना
गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य के सहकारी मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कभी गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण था, लेकिन भाजपा के लंबे शासनकाल में इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन बढ़ा है। राहुल गांधी का यह संवाद इसी मुद्दे पर केंद्रित रहेगा कि कैसे इन सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा सकती है और किसानों को उनका उचित हक मिल सके।
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किसानों की समस्याएं और समाधान की पहल
राहुल गांधी का यह संवाद दौरा किसानों की समस्याएं समझने और उन्हें पार्टी की आगामी रणनीति में शामिल करने का एक प्रयास है। दूध उत्पादन से जुड़ी लागत, भुगतान में देरी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे किसानों को लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को 2027 के चुनावी एजेंडे में शामिल कर किसानों को एक नई आवाज देना चाहती है।
मिशन 2027 की ओर पहला कदम
गुजरात कांग्रेस राहुल गांधी के इस दौरे को 'मिशन 2027' की औपचारिक शुरुआत मान रही है। प्रशिक्षण शिविर, संगठन सशक्तिकरण, और जमीनी स्तर के मुद्दों पर संवाद जैसे कार्यक्रमों से पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने में जुट गया है। राहुल गांधी की मौजूदगी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ किसानों के बीच कांग्रेस की सक्रियता का संकेत भी देती है।