भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच बेशक कई मामलों को लेकर दूरियां, विरोध कायम है। मगर यह मुद्दे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का हालचाल पूछने से नहीं रोक पाए। हुआ कुछ यूं कि सोमवार सुबह राहुल लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से 10 मिनट पहले ही संसद भवन पहुंच गए थे। जहां उन्होंने आडवाणी को पहली पंक्ति की बेंच पर अकेले बैठे हुआ देखा। इसके बाद गांधी ने हाथ जोड़कर आडवाणी को नमस्कार कहा और उनके हाल-चाल पूछे। जिसके जवाब में आडवाणी ने कहा कि मैं ठीक हूं लेकिन सदन नहीं।
पूर्व उप-प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे सदन की कार्यवाही ना चलने से वह चिंतित हैं। वह देख रहे हैं कि कैसे पहली बार ना तो विपक्ष, ना स्पीकर और ना ही प्रधानमंत्री इस गतिरोध को खत्म करने में सक्षम हैं। आडवाणी से कुछ मिनट बातचीत करने के बाद राहुल सदन के दूसरे छोर पर स्थित अपनी सीट पर वापस चले गए। इस मुलाकात के एक घंटे बाद राहुल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आमने-सामने आ गए थे लेकिन दोनों ने एक दूसरे को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।
जब राहुल संसद भवन से बाहर जा रहे थे तभी शाह प्रवेश कर रहे थे। दोनों एक-दूसरे के सामने पड़े लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन करना तो दूर नजरें तक मिलाना भी ठीक नहीं समझा। वैसे आपको बता दें कि संसद भवन के अंदर पहली बार राहुल और आडवाणी के बीच बातचीत नहीं हुई है। इससे पहले संसद भवन पर हुए हमले की 16वीं बरसी पर भी राहुल ने आडवाणी की मदद की थी। अतीत में भी कांग्रेस अध्यक्ष भाजपा के वरिष्ठ नेता से सदन के अंदर बातचीत कर चुके हैं।