राहुल ने अपने चार पन्नों के इस्तीफे की शुरुआत में लिखा है, 'कांग्रेस पार्टी को अपना योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है, जिसके मूल्यों और आदर्शों ने जीवनदायक रक्त की तरह हमारे खूबसूरत देश की सेवा की है। मैं इस देश और पार्टी के प्रति आभारी हूं।'
उन्होंने आगे लिखा, 'कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष रहते हुए मैं 2019 के चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेता हूं। हमारी पार्टी के भविष्य के लिए जवाबदेही महत्वपूर्ण है। इसी कारण से मैं कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देता हूं।'
राहुल ने लिखा, 'पार्टी के पुनर्गठन के लिए कठिन फैसले लेना जरूरी है और 2019 की हार के लिए लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। दूसरे लोगों को जवाबदेह ठहराना और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी की उपेक्षा करना गलत होगा।'
राहुल ने लिखा, 'मेरे कई साथियों ने सुझाया कि मैं अगले पार्टी अध्यक्ष के नाम का सुझाव दूं। जबकि मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि कोई नया व्यक्ति पार्टी की कमान संभाले, ऐसे में मेरे लिए अध्यक्ष का चुनाव करना ठीक नहीं होगा। हमारी पार्टी का बड़ा इतिहास और विरासत है, पार्टी के संघर्ष और स्थिति का मैं बहुत सम्मान करता हूं। यह पार्टी भारतमय है और मुझे विश्वास है कि पार्टी इस बात को सही निर्णय लेगी कि कौन साहस, प्यार और निष्ठा के साथ हमारा नेतृत्व करेगा।'
लिखित इस्तीफा देने के साथ-साथ राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी अपने इस्तीफे की मुहर लगा दी है। राहुल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से 'कांग्रेस अध्यक्ष' हटा दिया है। अब इसके स्थान पर सांसद लिखा हुआ है।
वहीं, मोतीलाल वोरा ने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर कहा कि मुझे इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।