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इस्तीफे पर अड़े राहुल बोले, मेरा विकल्प तलाश लीजिए, वरिष्ठ नेता मनाने में जुटे

Mon, 27 May 2019 10:07 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार्टून हल्के मनोरंजन के लिए है, किसी की भावना को आहत करना हमारा उद्देश्य नहीं है - फोटो : सतीश आचार्य
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लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण कांग्रेस में तूफान उठा हुआ है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमवार को राहुल से उनके निवास पर मिल कर उन्हें मनाने की कोशिश की। इन सबके बावजूद राहुल ने कहा कि अब पार्टी को गांधी परिवार से बाहर किसी और को अध्यक्ष चुन लेना चाहिए।
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पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस दौरान बीच का रास्ता निकालने के लिए राहुल के सामने कई प्रस्ताव रखे। इनमें से एक प्रस्ताव कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति का भी है। कांग्रेस नेताओं को आशंका है कि गांधी परिवार के बाहर के अध्यक्ष बनने से पार्टी में गुटबंदी बढ़ेगी। आजादी के 72 सालों के इतिहास में 41 सालों तक, खासकर पिछले 21 सालों में पार्टी का नेतृत्व गांधी-नेहरू परिवार के पास ही रहा है। 

पीटीआई के मुताबिक, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं और कहा जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को यह अवगत करा दिया है कि अब नया अध्यक्ष चुनने का समय आ गया है।
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वहीं, अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा, मैंने सीडब्ल्यूसी की बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात का समय मांगा था ताकि रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों पर चर्चा की जा सके। आज की मुलाकात उसी संदर्भ में थी। दूसरी सभी अटकलें गलत और बेबुनियाद हैं। 
 

हार की समीक्षा करेगी कांग्रेस 

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस हार की समीक्षा करेगी। प्रदेश नेतृत्व ने इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी न केवल हार की समीक्षा करेगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को किस तरह मजबूती प्रदान की जाए, इस पर भी विचार करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारणों की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में पूर्व सांसद परवेज हाशमी, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. एके वालिया और डॉ. योगानंद शास्त्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पवन खेड़ा और पूर्व विधायक जय किशन को शामिल किया गया है। कमेटी 10 दिन में अपनी रिपोर्ट दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को देगी।

दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता जितेंद्र कोचर ने बताया कि कमेटी लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की हार पर गहन मंत्रणा करेगी। कमेटी न सिर्फ पार्टी की हार के कारणों का विश्लेषण करेगी, बल्कि संगठन को मजबूत बनाने के तरीके भी सुझाएगी, ताकि 2020 के विधानसभा चुनाव में जीत मिले सके। इसी रिपोर्ट के आधार पर संगठन में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।

शीला दीक्षित ने हार की जिम्मेेदारी ली, इस्तीफा भेजा

वहीं, लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने आलाकमान को इस्तीफा भेजा है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम भेजे गए पत्र में शीला दीक्षित ने स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इसे मेरा इस्तीफा समझिए। आपका निर्णय सर्वमान्य है, आप जैसा कहेंगे वैसा किया जाएगा। राहुल गांधी की तरफ से अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है। लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सातों लोकसभा सीटों पर हार की नैतिक जिम्मेदारी प्रदेश नेतृत्व ने ली है।  

तीन और प्रदेश अध्यक्षों ने दिए इस्तीफे

चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का दौर जारी है। सोमवार को असम के रिपुन बोरा, पंजाब के सुनील जाखड़ और झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने इस्तीफे सौंप दिए। अब तक सात प्रदेश अध्यक्षों सहित 13 नेताओं ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र दिए हैं।

अफवाहों पर ध्यान न दें : सुरजेवाला

सीडब्ल्यूसी की बैठक में हार के कारणों और संगठन में आमूलचूल परिवर्तन करने पर बात हुई, लेकिन बंद कमरे में हुई बातचीत पर अटकलें लगाना या अफवाह फैलाना ठीक नहीं है। सभी को आगे की कार्ययोजना का इंतजार करना चाहिए। पार्टी में सब कुछ ठीक है। 
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