दिल्ली में मतदान के लिए अब केवल एक सप्ताह का समय बचा है और इस अंतिम समय में राहुल गांधी कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए मैदान में उतरे हैं। पहले ही दिन उन्होंने भगवान वाल्मीकि मंदिर में दर्शन किया, चुनाव प्रचार करते हुए दिल्ली में सत्ता में आने पर जातिगत जनगणना कराने का वादा किया। उन्होंने एक बार फिर देश के बड़े उद्योगपतियों पर हमला करते हुए ऊंची नौकरियों, मैनेजमेंट में जातिगत आरक्षण का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी की टिप्पणियों पर जनता से मिल रहा जवाब यह बताने के लिए पर्याप्त था कि कांग्रेस को लेकर लोगों में उत्साह है। अब पार्टी नेताओं की जिम्मेदारी इस उत्साह को वोटों में तब्दील करने की है।
कांग्रेस पर ये आरोप लग रहे थे कि उसके नेता केजरीवाल को लेकर काफी नरम रुख अपना रहे हैं। लेकिन मंगलवार की रैली में राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने केजरीवाल को शीश महल में रहने वाला नेता बताया और मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले का मास्टरमाइंड बताकर निशाना साधा। लोगों का मानना है कि कांग्रेस का यह हमलावर रुख बरकरार रहा तो इससे पार्टी को लाभ हो सकता है।
'शीला दीक्षित के बाद पहली बार देखी कांग्रेस की ऐसी रैली'
पटपड़गंज में राहुल गांधी की सभा में जनता के बीच से मिल रही प्रतिक्रिया कांग्रेस का उत्साह बढ़ाने वाली थी। विनोद नगर के मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यापार करने वाले इफ्तिखार चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि कांग्रेस की रैली में इस तरह का उत्साह शीला दीक्षित के बाद पहली बार देखने को मिला है। राहुल गांधी को सुनने के लिए आई हुई भीड़ आसपास के रहने वाले लोगों की थी। इनमें से किसी को बाहर से नहीं लाया गया था और इसके लिए किसी तरह का इंतजाम नहीं किया गया था। इफ्तिखार चौधरी के अनुसार, लोगों का यह उत्साह बताता है कि लोग यहां बदलाव के लिए सोच रहे हैं।
'बदलाव की तरफ सोच रहे लोग'
रैली में आए सुनील कुमार ने अमर उजाला को बताया कि मनीष सिसोदिया ने इस क्षेत्र में काफी काम किया था। जिस स्थान पर राहुल गांधी ने रैली की, उसके ठीक पास में दो सरकारी स्कूल हैं जिसका कायाकल्प करने के लिए मनीष सिसोदिया ने काफी काम किया था। इससे इस क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने लगी थी। लेकिन सिसोदिया के काम पर शराब घोटाला भारी पड़ गया।
राहुल गांधी को आने के लिए किया तीन घंटे का इंतजार
राहुल गांधी की एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए लोगों को लगभग तीन घंटे तक का इंतजार करना पड़ा। लोगों को तीन बजे का समय दिया गया था, लेकिन राहुल गांधी अपनी सभा में लगभग छः बजे पहुंचे। इतने लंबे समय तक महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने राहुल गांधी के आने का इंतजार किया। मनीषा चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि तीन घंटे का इंतजार काफी परेशान करने वाला था, लेकिन राहुल गांधी के सामने आने के बाद उन्हें लगा कि उन्हें उनके इंतजार का फल मिल गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातों ने उन्हें काफी प्रभावित किया है।