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Rahul Gandhi: 'वैश्विक कूटनीति विश्वसनीयता पर चलती है, वंशवाद से नहीं': पुतिन के रात्रिभोज विवाद पर बोली भाजपा

Sat, 06 Dec 2025 05:44 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया और केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी पर विदेश नीति, संवैधानिक दायित्वों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों से दूरी को लेकर तंज कसे है। जानिए किसने क्या कहा... 
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राहुल गांधी और गौरव भाटिया। - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत-रूस संबंधों के बीच जारी राजनीतिक चर्चा में भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि भारत और रूस की दोस्ती दुनिया भर में सराहना पाती है, लेकिन भारत में एक विशेष समूह ऐसी उपलब्धियों को कमतर दिखाने और राहुल गांधी द्वारा गढ़ी गई फेक नैरेटिव को बढ़ावा देने में जुटा रहता है।

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भाटिया ने कहा कि वैश्विक कूटनीति विश्वसनीयता पर चलती है, न कि वंशवाद पर। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ किसी परिवार से आने भर से राहुल गांधी को हर मंच पर गंभीरता से लिया जाना चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता होने के बावजूद राहुल गांधी ने बार-बार राष्ट्रीय और संवैधानिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई है।

यह ड्रामा क्यों?
भाटिया ने सवाल उठाया कि किसी भी विदेशी मेहमान को यदि किसी भारतीय नेता से मिलना होता है, तो वह अपनी इच्छा जताता है। उन्होंने तस्वीर दिखते हुए कहा कि तस्वीरों में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी ने बांग्लादेश की अपदस्थ पीएम शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। ऐसे में यह ड्रामा क्यों?
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क्या राहुल गांधी बच्चा हैं जो हर निमंत्रण पर रोने लगते हैं?- राजीव चंद्रशेखर का तंज
 वहीं इस मामले में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी साजिश की कल्पना करना हास्यास्पद है। चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि शशि थरूर, जो संसदीय विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं, प्रोटोकॉल के आधार पर आमंत्रित किए गए। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर राहुल गांधी को इतना ही शौक है, तो वे थरूर से इस्तीफा दिलवाकर खुद समिति के अध्यक्ष क्यों नहीं बन जाते?उन्होंने कहा कि राज्य भोज के निमंत्रण तय प्रोटोकॉल के हिसाब से होते हैं। यदि हर बार राहुल गांधी को निमंत्रण न मिले और वे शिकायतें शुरू कर दें, तो यह अपरिपक्वता की पराकाष्ठा है।

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