महाराष्ट्र के यवतमाल में शुक्रवार को आतंक का पर्याय बन चुकी आदमखोर बाघिन अवनि को मार गिराया गया था। वह 14 लोगों को अपना शिकार बना चुकी थी। इसी वजह से शुक्रवार की रात को वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद यवतमाल में इस बाघिन को मार गिराया था। 5 वर्षीय इस बाघिन को टी-1 के नाम से भी जाना जाता था।
जिस तरह से अवनि को मारा गया उससे पशु प्रेमी के साथ ही केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी काफी नाराज थीं। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष
राहुल गांधी ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर हमला नहीं किया लेकिन महात्मा गांधी के एक वक्तव्य को लिखकर इशारों-इशारों में इसकी निंदा की। उन्होंने लिखा, 'किसी देश की महानता इस बात से मापी जाती है कि वह जानवरों के साथ किस प्रकार व्यवहार करता है- महात्मा गांधी।'
वहीं इस मामले पर महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बाघिन ‘अवनि’ की हत्या को लेकर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा की गई राज्य सरकार की आलोचना पर सोमवार को कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मेनका के पास इस मुद्दे को लेकर 'सूचना की कमी है' और अगर वह चाहती हैं तो वह इस मामले में उच्च स्तरीय जांच का आदेश दे सकती हैं।
मुनगंटीवार का बयान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री की आलोचना पर आया है। रविवार को गांधी ने आधिकारिक तौर पर टी1 के नाम से जानी जाने वाली बाघिन की 'वीभत्स हत्या' को लेकर महाराष्ट्र सरकार की निंदा की थी और इसे 'अपराध का सीधा-सीधा मामला' करार दिया था।
बता दें कि यवतमाल जिले में इस बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों समेत कुल 200 लोगों की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इस ऑपरेशन में 4 हाथियों और वन्यजीव पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम को भी लगाया गया था। बाघिन को मारने का काम हैदराबाद के शॉर्प शूटर नवाब शफथ अली खान को सौंपा गया था।
मेनका गांधी ने कहा था कि बाघिन अवनि की जिस क्रूरता के साथ हत्या की गई है, इससे वे बहुत दुखी हैं। उन्होंने राज्य सरकार के साथ शिकारी पर भी कई सवाल उठाए हुए कहा था कि वे इस मामले की शिकायत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से करेंगी। अपने ट्विटर अकाउंट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेनका गांधी ने कहा था कि यह सीधा-सीधा अपराध का मामला है।