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Rahul Gandhi: 'लोकतांत्रिक मानदंडों के हिसाब से बर्ताव करें, अधिक समझदारी दिखाएं', राहुल को साथी सांसद की सलाह

Thu, 27 Mar 2025 01:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते दिन लोकसभा की कार्यवाही के दौरान उस वक्त सभी चौंक गए थे, जब ओम बिरला ने राहुल गांधी को सख्त लहजे में हिदायत दे दी थी। उन्होंने राहुल से सदन के नियमों का पालन करने को कहा था। हालांकि, राहुल ने कहा था कि उन्होंने कुछ भी नहीं किया है। इस बीच माकपा सांसद ने भी राहुल गांधी को एक खास सलाह दे दी है।
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राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेता - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। बीते दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को नियमों का पालन करने की नसीहत दी थी। इसके बाद उन्होंने सदन से बाहर आकर कहा था कि मैंने तो कुछ भी नहीं किया। मैं चुपचाप बैठा हुआ था। मुझे तो बोलने की अनुमति ही नहीं दी जाती। इसके लेकर भाजपा सांसदों ने राहुल को कई हिदायतें दी थीं। अब विपक्षी गठबंधन इंडिया में कांग्रेस की साथी पार्टी माकपा ने सांसद ने राहुल को अहम सलाह दी है। 

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यह भी पढ़ें- संसद: 'देश को गुमराह कर रहे राहुल, संसदीय प्रणाली में रुचि नहीं', बिरला की फटकार के बाद जगदंबिका पाल का हमला

माकपा सांसद पी. संतोष कुमार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा, 'अगर आप मुझसे व्यक्तिगत रूप से पूछें, तो यह मेरी पार्टी की राय नहीं है। बात यह है कि राहुल गांधी को अधिक ईमानदारी से और लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। हम उनसे कुछ और की उम्मीद कर रहे हैं। वे विपक्ष के नेता हैं, इसलिए उन्हें अधिक समझदार होना चाहिए।'
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संजय राउत ने किया था राहुल का समर्थन 
इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद में बोलने की कथित अनुमति न देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की आलोचना की थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक समय करार दिया था।
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विपक्ष को चुप कराना है तो आप संसद क्यों चला रहे हैं?
एएनआई से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, 'राहुल गांधी लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष हैं। अगर ऐसे नेता को स्पीकर संसद के अंदर बोलने की अनुमति नहीं देते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक समय नहीं तो और क्या है। अगर आपको विपक्ष को चुप कराना है तो आप संसद क्यों चला रहे हैं?'

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