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राहुल तक पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं पहुंचाईं, उम्मीद है सही कदम उठाएंगे: गहलोत

Mon, 01 Jul 2019 08:20 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : एएनआई
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने राहुल गांधी के साथ उनके आवास पर बैठक की।

 

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बैठक से बाद गहलोत ने कहा, 'यह अच्छी बैठक थी, हमने करीब दो घंटे तक बात की, हमने उन तक पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाएं पहुंचाईं। हमें उम्मीद है कि हमारे विचारों पर ध्यान देंगे और सही कदम उठाएंगे।'


इसके साथ ही गहलोत ने भाजपा पर राष्ट्रवाद के नाम पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा, 'दूसरे पक्ष (भाजपा) ने देश को राष्ट्रवाद के नाम पर गुमराह किया। मोदी जी ने सेना के पीछे छिपकर राजनीति की, लोगों को धर्म के नाम पर भटकाया। वह विकास, अर्थव्यवस्था और रोजगार जैसे जरूरी मुद्दों पर पर कोई बात नहीं करते।' 
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यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है तो गहलोत ने कहा कि चुनावों में हार और जीत होती है। परंतु आलाकमान फैसला करता है। सभी मुख्यमंत्रियों ने 25 मई को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी। पूरे सीडब्ल्यूसी ने इस्तीफे की पेशकश की थी और राहुल गांधी को पार्टी में बदलाव के लिए अधिकृत किया था। इस मुलाकात से पहले गहलोत ने कहा था कि पहले भी हमने कहा है कि हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हैं और 2019 की हार की जिम्मेदार लेते हैं। 

उन्होंने कहा कि हमारा यह मानना है कि मौजूदा हालात में सिर्फ राहुल जी ही पार्टी का नेतृत्व कर सकते है। देश और देशवासियों के कल्याण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सवालों से परे और बेमिसाल है। 
बता दें कि लोकसभा परिणाम आने के बाद 21 मई को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई थी। इसमें राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का एलान किया था। हालांकि सीडब्ल्यूसी ने उनके इस फैसले पर अंतिम मुहर नहीं लगाई थी। 

इसके बाद हाल ही में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के किसी पदाधिकारी की तरफ से इस्तीफे की पेशकश नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पार्टी में एक के बाद एक इस्तीफे आने लगे। 

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