कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने देश में एक बड़े और विनाशकारी आर्थिक तूफान के आने की चेतावनी दी है। राहुल गांधी का आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भी आर्थिक नीतियां और ढांचा तैयार किया है, वह देश की जनता के लिए नहीं है। उनका दावा है कि इस पूरे तंत्र को सिर्फ दो बड़े उद्योगपतियों, अदाणी और अंबानी की तिजोरियां भरने के लिए तैयार किया गया है।
'आम जनता पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर, उद्योगपतियों के पास है सुरक्षित रास्ते'
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को समझाते हुए कहा कि जब यह तथाकथित आर्थिक ढांचा ढहेगा, तब इन बड़े पूंजीपतियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा। उनके पास देश से बाहर निकलने और खुद को बचाने के सुरक्षित रास्ते मौजूद हैं। लेकिन इस भयानक मंदी की असली मार देश के उस आम आदमी पर पड़ेगी जो कभी इस व्यवस्था का हिस्सा था ही नहीं। उन्होंने कहा कि देश के युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इस आने वाले संकट के सबसे बड़े शिकार बनेंगे।
यह भी पढ़ें: आबकारी घोटाला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत AAP नेताओं को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस, चार हफ्तों में मांगा जवाब
नॉर्वे पेंशन फंड पर पीएम मोदी से राहुल ने पूछे सवाल
इस मामले का दूसरा बड़ा पहलू अंतरराष्ट्रीय निवेश से जुड़ा है। दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड, 'नॉर्वे सरकारी पेंशन फंड' ने अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी पोर्ट्स को अपनी निवेश सूची से बाहर यानी ब्लैकलिस्ट कर रखा है। फंड ने इसके पीछे वित्तीय अपराध, भ्रष्टाचार के जोखिम और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे नैतिक कारणों का हवाला दिया था। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल दागा है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने नॉर्वे सरकार से अदाणी समूह को इस ब्लैकलिस्ट से हटाने का कोई व्यक्तिगत अनुरोध किया है?
झंडे की बड़ी चूक से सोशल मीडिया पर छिड़ी समानांतर बहस
इस पूरे राजनीतिक हमले के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला मोड़ आ गया। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर जब यह गंभीर सवाल उठाए, तो उनके ग्राफिक्स में एक बहुत बड़ी मानवीय चूक हो गई। उनकी टीम ने पोस्ट में नॉर्वे के लाल, सफेद और नीले झंडे की जगह स्वीडन का पीला और नीला झंडा लगा दिया। इस तकनीकी गलती को लेकर विरोधी दलों ने राहुल गांधी की रिसर्च टीम पर जमकर निशाना साधा, जिससे इंटरनेट पर असली मुद्दे के साथ-साथ इस चूक पर भी बड़ी बहस छिड़ गई।
ईंधन के बढ़ते दाम और अदाणी मामले पर खरगे का वार
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की जेब काटना और अमेरिकी अदालत से उद्योगपति गौतम अदाणी को क्लीन चिट दिलाना ही पीएम का असली मॉडल है। खरगे ने कहा कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है। लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है।
खरगे ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार में दूरदर्शिता और सही नेतृत्व की भारी कमी है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विदेश में सिर्फ पीआर करने से कोई 'विश्वगुरु' नहीं बन जाता। डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये और महंगाई पर प्रधानमंत्री को देश को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि वह अपनी विफलताओं पर मंथन करे और सबको साथ लेकर संकट का समाधान ढूंढे।