पेपर लीक विरोधी संशोधित कानून पास होने के बाद देश में सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां पीएम मोदी ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार कड़े कानूनों और एफआईआर की आड़ में प्रदर्शनकारी छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। वहीं, राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को 'भारत का अतीत' बता दिया है।
पेपर लीक कानून में संशोधन और छात्र प्रदर्शनकारियों पर हो रही पुलिसिया कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे भारत का अतीत हैं और उन्हें देश के भविष्य (Gen Z) के साथ संभलकर व्यवहार करना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्र प्रदर्शनकारियों को धमकाने, उन पर एफआईआर दर्ज करने और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कराने का काम कर रही है।
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राहुल गांधी बोले-पहले हड्डियां तोड़ीं, अब एफआईआर दर्ज कर रहे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने लिखा, 'पीएम मोदी और अमित शाह - आप जेन-जी (Gen Z) को डराकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप उन पर एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स हटा रहे हैं।'
PM Modi and Amit Shah - you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
संसद से एंटी-पेपर लीक बिल का क्या हुआ?
राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश के ठीक बाद आया है, जिसे पीएम ने इंस्टाग्राम पर जारी किया था। दरअसल, संसद ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को पास कर दिया है। यह नया कानून 2024 के एंटी-पेपर लीक कानून को और ज्यादा सख्त बनाता है, जिसमें दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान शामिल किया गया है। राज्यसभा में विपक्षी इंडिया गठबंधन के वॉकआउट के बीच इस बिल को ध्वनि मत से मंजूरी दी गई।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना बेहद जरूरी: पीएम मोदी
संशोधन विधेयक पारित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र और कई राज्यों में पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक की समस्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना बेहद जरूरी हो गया था।
पीएम मोदी ने यह भी कहा, 'हम पेपर लीक करने वाले गिरोहों, पेपर लीक माफिया और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे।' उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जा रही हैं और राज्यों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।