कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रोजगार देने के नाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय बेरोजगारी का गंभीर संकट है। ऐसे में मोदी के अच्छे दिन काफी डरावने लगते हैं। नोबेल विजेता अर्थशास्त्री पॉल रुग्मैन ने भी बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भारत को चेताया है।
राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ‘नोबेल पुरस्कार के सम्मानित अर्थशास्त्री पॉल रुग्मैन ने हमारी उस बात पर मुहर लगाई है, जिसे हम पिछले दो साल से कह रहे हैं। बेरोजगारी देश के समक्ष सबसे बड़ा संकट है। दुर्भाग्य से हमारे प्रधानमंत्री ऐसे हैं, जो बात मानते ही नहीं हैं। उनके ‘अच्छे दिन’ डरावने लगते हैं।’
उन्होंने यह भी लिखा कि भारत में बेरोजगारी सबसे बड़ा संकट है और अगर रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो यह विकराल रूप ले लेगा।
वर्ष 2008 में अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले अर्थशास्त्री रुग्मैन ने कहा कि भारत को सिर्फ सेवा क्षेत्र में नहीं बल्कि विनिर्माण क्षेत्र पर भी ध्यान देना होगा, अन्यथा बेरोजगारी उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगी।
सनद रहे कि इससे पहले भी राहुल गांधी नोटबंदी के मसले पर मोदी सरकार को जमकर घेर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने तब कहा था कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो नोटबंदी के प्रस्ताव वाली फाइल को उठाकर कूड़ेदान में फेंक देता क्योंकि उन्हें लगता है कि नोटबंदी के साथ ऐसा ही किए जाने की जरूरत है।