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माल्या केस: राहुल ने सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर पर उठाई उंगली, अदालत की निगरानी में की जांच की मांग

Sun, 16 Sep 2018 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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Rahul Gandhi
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भगौड़े कारोबारी विजय माल्या को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार के साथ सीधे तौर पर जांच एजेंसी सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि उसका सरकार या जांच एजेंसी से विश्वास उठ गया है लिहाजा पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए। कांग्रेस का कहना है कि जब मोदी सरकार को माल्या के डिफाल्टर होने और गिरफ्तारी नोटिस को बदला गया तो कोई जांच क्यों नहीं की गई। पार्टी ने सेंट्रल हॉल में माल्या-जेटली की मुलाकात के साक्ष्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज को जंतर मंतर पर दिखाने की मांग उन्हें गलत साबित करने की चुनौती दी है। 
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने इस मामले में ट्वीट कर सीबीआई ज्वाइंट डायरेक्टर और गुजरात कैडर के अधिकारी एके. शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए लुट आउट नोटिस को कमजोर करने का आरोप लगाया। राहुल का कहना है कि लुक आउट नोटिस के कमजोर से होने से माल्या को भगाने का मौका दिया गया। राहुल का कहना है कि सीबीआई में गुजरात कॉडर के अधिकारी शर्मा प्रधानमंत्री की आंखों के तारा हैं। यही अधिकारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भगाने की योजना के प्रभारी थे। राहुल ने उप्पस लिखकर अपनी भावनाएं दर्शा जांच की मांग की है।  

दूसरी ओर प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि गबन और घोटालेबाजों के लिए भाजपा चोर दरवाजा बनी है। भाजपा सरकार घोटालेबाजों को भगाने में चुस्त और पकडने में सुस्त है। सीबीआई कठपुतली की तरह काम कर रही है। जब सीबीआई ने गिरफ्तारी नोटिस को बदलकर जानकारी नोटिस कर दिया तो इस मामले की जांच क्यों नहीं हुई किसके कहने पर ऐसा किया गया। इसलिए सरकार और सीबीआई पर भरोसा नहीं है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए। भाजपा जेटली को बघचानेव् के लिए दलीलें दे रही हैं तो 1 मार्च 2016 का सेंट्रल हॉल का सीसीटीवी फुटेज जनता को दिखाए और हमें गलत साबित करे।  
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