राफेल फाइटर जेट डील पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करके डील के बारे में कई सवाल किए। उन्होंने लिखा है कि 'आरएम जी शर्मनाक ये है कि आपके बॉस आपको चुप कर रहे हैं। कृपया बताइए कि राफेल जेट को किस कीमत पर खरीदा गया? क्या आपने कैबिनेट कमिटी ऑफ सिक्यॉरिटी (सीसीएस) की अनुमति लेना जरूरी नहीं समझा? भारत सरकार के उपक्रम हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से ये डील छीनकर रक्षा क्षेत्र में बिना अनुभव वाले डबल ए रेटेड बिजनेसमैन को क्यों सौंपी गई?'
Dear RM, what’s shameful is your boss silencing you. Please tell us :
1. Final price of each Rafale jet?
2. Did PM take CCS permission before announcing purchase in Paris?
3. Why PM bypassed experienced HAL & gave the deal to AA rated businessman with no defence experience?
— Office of RG (@OfficeOfRG) November 18, 2017
बता दें कि कांग्रेस ने फ्रांस की कंपनी दसाल्त एविएशन से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद में पारदर्शिता और नियम-प्रावधानों को दरकिनार करने का आरोप लगाया है।
17 नवंबर को भी राहुल गांधी ने डील के बारे में सवाल पूछे थे, जिसके बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद संबंधी सौदे से जुड़े आरोप ‘शर्मनाक’ हैं और ऐसी कलह सशस्त्र बलों के लिए नुकसानदायक है।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि एक कारोबारी को फायदा पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘समूचा सौदा’ ही बदल दिया। सीतारमण ने कहा, ‘यह आरोप शर्मनाक हैं। इस सौदे को पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए अंतिम रूप दिया गया।’
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सौदे को लेकर कलह सशस्त्र बलों के लिए नुकसानदायक होगी। उन्होंने कहा कि वायुसेना की फौरी जरूरत ही इस करार को करने की अहम वजह थी। उन्होंने कहा कि 36 राफेल विमानों के लिए अंतिम करार पर सितंबर 2016 में दस्तखत किए गए।