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छोले-भटूरे के स्वाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बहुत सताया

Mon, 09 Apr 2018 07:14 PM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली 
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देशभर में दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ राजघाट में आयोजित कांग्रेस के उपवास में उस वक्त पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की किरकिरी हो गई, जब मीडिया में पार्टी के नेताओं की नाश्ता करती हुई तस्वीर वायरल होने लगी। सूत्रों के अनुसार जब इसकी सूचना राहुल गांधी तक पहुंची तो वह पार्टी नेताओं के इस तरह के बर्ताव से व्यथित हो उठे। माना जा रहा है कि वह जल्द ही दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के एक बड़े नेता की क्लास लगा सकते हैं।

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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि कुछ नेताओं के इस तरह से छोले भटूरे खाकर उपवास पर बैठने से पार्टी की छवि को गहरा झटका लगा है। यह खबर लगातार मीडिया में छाई हुई है और पूरे देश में पार्टी का मजाक बन रहा है। बताते हैं कि यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी इस घटना के सामने आने के बाद नाराज हैं।

क्या था मामला

कांग्रेस पार्टी ने दलितों के हितों पर ध्यान आकर्षित कराने के लिए 9 अप्रैल को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर एक दिन का उपवास आयोजित किया था। उपवास शुरू होने से पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारून युसूफ समेत अन्य ने छोले भटूरे खाए और इसके बाद उपवास पर बैठ गए।
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नेताओं के उपवास पर बैठने के कुछ ही दिन बाद इन नेताओं की तस्वीर भी मीडिया में वायरल होने लगी। भाजपा ने भी तत्काल कांग्रेस के उपवास पर सवाल उठा दिया। इस तरह से कांग्रेस पार्टी के इस अभियान को तगड़ा झटका लगा है।

अरविंदर सिंह लवली की सफाई

हालांकि इस बारे में कांग्रेस के नेता अरविंदर सिंह ने गले के नीचे न उतरने वाली अपनी सफाई दी है। अरविंद सिंह लवली ने स्वीकार किया कि उन्होंने साथियों के साथ छोले भटूरे खाए थे। 

लवली का कहना है कि राजघाट पर उपवास दिन में 10.00 बजे शुरू होना था। इससे पहले नाश्ते के रूप में उन्होंने 8.00 बजे सुबह छोले भटूरे-खाए थे। लवली की सफाई भी कांग्रेस के नेताओं के गले के नीचे नहीं उतर रही है। 

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस तरह का दिखावा करने की आखिर जरूरत ही क्या थी। इस तरह से राजघाट में दलितों के लिए उपवास के आयोजन का यह राजनीतिक कार्यक्रम कांग्रेस के भीतर विवाद का विषय बनता जा रहा है।
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'ऐन मौके पर बट्टा लगाते हैं कांग्रेसी'

कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड पर यह कहावत आम है। वहां का छोटे से लेकर बड़ा नेता तक मानता है कि कांग्रेस अपनी ही गलतियों की सजा भुगत रही है। 

पार्टी के एक सचिव तो यहां तक कहते हैं कि जब हमारा राजनीतिक अभियान चरम पर होता है, तभी कोई न कोई कांग्रेस का नेता बड़ी गलती कर बैठता है। इससे पार्टी के नेताओं के बड़े प्रयासों को चूना लग जाता है। 

गुजरात चुनाव प्रचार अभियान का जिक्र करते हुए पार्टी के युवा संगठन के एक पदाधिकारी ने कहा कि आखिरी समय में बड़े नेता गलतियां करते चले गए। इसका खामियाजा पूरी पार्टी को झेलना पड़ा।
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