हालांकि इस बारे में कांग्रेस के नेता अरविंदर सिंह ने गले के नीचे न उतरने वाली अपनी सफाई दी है। अरविंद सिंह लवली ने स्वीकार किया कि उन्होंने साथियों के साथ छोले भटूरे खाए थे।
लवली का कहना है कि राजघाट पर उपवास दिन में 10.00 बजे शुरू होना था। इससे पहले नाश्ते के रूप में उन्होंने 8.00 बजे सुबह छोले भटूरे-खाए थे। लवली की सफाई भी कांग्रेस के नेताओं के गले के नीचे नहीं उतर रही है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस तरह का दिखावा करने की आखिर जरूरत ही क्या थी। इस तरह से राजघाट में दलितों के लिए उपवास के आयोजन का यह राजनीतिक कार्यक्रम कांग्रेस के भीतर विवाद का विषय बनता जा रहा है।
कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड पर यह कहावत आम है। वहां का छोटे से लेकर बड़ा नेता तक मानता है कि कांग्रेस अपनी ही गलतियों की सजा भुगत रही है।
पार्टी के एक सचिव तो यहां तक कहते हैं कि जब हमारा राजनीतिक अभियान चरम पर होता है, तभी कोई न कोई कांग्रेस का नेता बड़ी गलती कर बैठता है। इससे पार्टी के नेताओं के बड़े प्रयासों को चूना लग जाता है।
गुजरात चुनाव प्रचार अभियान का जिक्र करते हुए पार्टी के युवा संगठन के एक पदाधिकारी ने कहा कि आखिरी समय में बड़े नेता गलतियां करते चले गए। इसका खामियाजा पूरी पार्टी को झेलना पड़ा।