दिल्ली में एनडीए नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाय पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान पीएम ने एनडीए नेताओं से कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष में कई युवा नेता प्रतिभाशाली हैं, लेकिन परिवारवाद के कारण उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इन होनहार नेताओं से राहुल गांधी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए नेताओं के साथ चाय पर बैठक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष में कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन परिवारवाद और असुरक्षा के कारण उन्हें आगे आने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि राहुल गांधी असुरक्षित और घबराए हुए महसूस करते हैं।
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सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में केवल सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता ही शामिल हुए। विपक्ष के किसी भी नेता ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के हाल ही में संपन्न सत्र को सफल बताया और कहा कि इसमें कई महत्वपूर्ण बिल पारित किए गए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बहस से किनारा कर सिर्फ व्यवधान पैदा करने का काम किया।
ऑनलाइन गेमिंग बिल को बताया ऐतिहासिक
पीएम मोदी ने खासतौर पर ऑनलाइन गेमिंग बिल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून दूरगामी असर वाला है और समाज पर सीधा प्रभाव डालेगा। संसद ने 20 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन एंड रेगुलेशन) बिल, 2025 पारित किया, जिसमें मनी-बेस्ड ऑनलाइन गेम्स पर पाबंदी लगाई गई है। इस कानून के तहत नियम तोड़ने वाली कंपनियों, प्रमोटरों और व्यक्तियों पर कड़ी सजा और जुर्माना लगाया जाएगा।
उद्योग जगत की चिंता
ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन ने इस बिल पर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चिंता जताई है। फेडरेशन ने कहा कि पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने से इस क्षेत्र को गंभीर नुकसान होगा। इस तेजी से बढ़ते सेक्टर पर कानून बनाने का मकसद खिलाड़ियों को सुरक्षित करना है, लेकिन उद्योग जगत का कहना है कि इसका गलत असर भी हो सकता है।
विपक्ष पर तीखा हमला
सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने विपक्ष पर संसद में गैर-जिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बड़े कानूनों पर बहस में हिस्सा लेने की बजाय हंगामा करना ही चुना। लोकसभा में तो हालात तब बिगड़ गए जब विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन विवादित बिलों की प्रतियां फाड़ दीं। इन बिलों में गंभीर आरोपों पर गिरफ्तार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को 30 दिनों तक पद से हटाने का प्रावधान है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे अहम विषयों पर विपक्ष को चर्चा करनी चाहिए थी।