भारत के विकास कहानी में सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की समान और महत्वपूर्ण भूमिका है। सेवा क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। यह भारत के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को अधिक सब्सिडी नहीं दी जानी चाहिए। बता दें, राजन तमिलनाडु आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं।
पर्यटन उद्योग के विकास पर विचार महत्वपूर्ण
तमिलनाडु में ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट-2024 आयोजित किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के एक सत्र को संबोधित करते हुए रविवार को राजन ने कहा कि विनिर्माण को अधिक सब्सिडी ने दें और यह बिल्कुल ने सोचें कि यही विकास का एकमात्र हिस्सा है। सेवाएं भी विकास की कहानी में बड़ा हिस्सा रखती हैं। सेवा क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार करना गलत है। राज्य में पर्यटन के बारे में विचार किया जाना चाहिए। हमें देखना चाहिए कि पर्यटन उद्योग के माध्यम से कितनी नौकरियां और रोजगार पैदा किया जा सकता है। पर्यटन उद्योंग में कम और अर्ध-कुशल नौकरियां पैदा करने के तमाम अवसर हैं।
राजन ने तमिलनाडु को 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है। हमें इसे संभव बनाना होगा। मुझे लगता है कि हमारे अंदर प्रतिस्पर्धा की एक भावना होनी चाहिए। उद्योग के लिए माहौल बनाने पर हमें ध्यान देना चाहिए।
केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर कर रही है काम
कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि तमिलाडु ने 2030 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का दृष्टिकोण अपनाया है। मैं सरकार, उद्योग जगत के दिग्गजों और तमिलनाडु के लोगों को शुभकामनाएं देता हूं कि वे राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निरंतर प्रयास करते रहें। केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर तेजी से औद्योगीकरण, तमिलनाडु के लोगों को कल्याण प्रदान करे। केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।