चड्ढा ने कहा कि दर्शन के लिए पहली समस्या पासपोर्ट की है। पास पासपोर्ट नहीं है तो करतारपुर साहिब नहीं जाया जा सकता। भारत सरकार को इस अहम मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाना चाहिए।
आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों से ली जाने वाली फीस और वीजा का मुद्दा संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से ली जाने वाली इस राशि को समाप्त किया जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से उचित कदम उठाकर पाकिस्तान से बातचीत कर हल निकाला जाना चाहिए।
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अभी श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर (करीब 1600 रुपये) की फीस ली जाती है। वीजा बनने में भी काफी समय लगता है जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। उन्होंने दर्शन के लिए जाने वालेे श्रद्धालुओं को वीजामुक्त दर्शन की अनुमति दिए जाने की मांग की है।
चड्ढा ने कहा कि दर्शन के लिए पहली समस्या पासपोर्ट की है। पास पासपोर्ट नहीं है तो करतारपुर साहिब नहीं जाया जा सकता। भारत सरकार को इस अहम मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाना चाहिए। हर तीर्थयात्री को दर्शन करने जाने के लिए 20 डॉलर यानी करीब 1600 रुपये का शुल्क देना पड़ता है।
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अगर परिवार के 5 सदस्य हर साल जाना चाहें तो उन्हें साल के 8 हजार रुपए खर्च करने होंगे। इस शुल्क वसूली को बंद कर दिया जाए ताकि श्रद्धालु आराम से श्री करतारपुर साहिब जा सकें। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी जटिल है। इसे सरल किया जाए।