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Raghav Chadha New Video: 'चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में सिमटी पार्टी'; राघव बोले- AAP का अंदरूनी माहौल जहरीला

Mon, 27 Apr 2026 10:54 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि आप अब पहले जैसी नहीं रही और वहां काम करने का माहौल विषाक्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में बोलने और काम करने से रोका जाता था तथा कुछ भ्रष्ट लोगों का प्रभाव बढ़ गया था।
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राघव चड्ढा ने आप छोड़ने की बताई वजह - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के फैसले पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपने निर्णय के पीछे की वजह बताई।

राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी बदलने की घोषणा के बाद पिछले तीन दिनों से उन्हें बड़ी संख्या में संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और बधाई संदेश भेज रहे हैं, जबकि कुछ लोग यह जानना चाहते हैं कि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर यह फैसला क्यों लिया।

मैं अपने करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया

उन्होंने कहा कि दोस्तों राजनीति में आने से पहले मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट था, मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपने करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। और एक राजनीतिक पार्टी का संस्थापक सदस्य बना। 

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अब यह पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रह गई है

मैंने अपने युवा जीवन के 15 साल दिए, अपने खून, पसीना से बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा। लेकिन आज ये पार्टी पार्टी वो पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक कार्य का माहौल है, आपको काम करने से रोका जाता है। संसद में बोलने से रोका जाता है। और आज ये राजनीतिक पार्टी चंद भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों को हाथ में फंस कर रह गई है।

राघव ने बताए अपने तीन विकल्प

राघव ने आगे कहा कि  पिछले कुछ वर्षों से मैं यह महसूस कर रहा था, 'शायद एक सही आदमी, गलत पार्टी में है', और इसी के चलते मेरे पास तीन विकल्प थे, पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो की हुआ नहीं। और तीसरा विकल्प कि मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर सकारात्मक राजनीति करूं, एक और प्लेटफॉर्म के साथ, एक और राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं।  

सात लोग गलत नहीं हो सकते

इसलिए केवल मैंने नहीं छह और सांसदों ने यह फैसला लिए कि हम अपने इस राजनीतिक पार्टी से रिश्ता तोड़ दें। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी भी गलत हो सकते हैं लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। और वो अनगीनत पढ़े-लिखे लोग, जो इस पार्टी के सपने के साथ जुड़ें थे, वो तमाम लोग इस पार्टी को छोड़कर चले गए, क्या वो सारे गलत हो सकते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, अगर आपका कार्यस्थल टॉक्सिक जगह बन जाए, तो आप कितना काम कर पाएंगे। अगर आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे। उस स्थिति में सही फैसला यही है कि औप उस कार्यस्थल को छोड़ दें , शायद हमने भी वहीं किया। 

राघव ने लोगों को दिया आश्वासन

राघव ने कहा कि आप में से बहुत सारे लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या अब में वैसी ही आपके रोजमर्रा के मुद्दे उठाता रहूंगा या बंद कर दूंगा। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं आपकी परेशानियों को और ऊर्जा के साथ उठाऊंगा और अच्छी बात ये कि अब हम उन परेशानियों के समाधान को भी ढूंढ पाएंगे और उसे लागू करा पाएंगे। 

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