वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने फ्रांस से राफेल विमान उड़ाकर लाने वाले पायलटों का स्वागत किया।
राफेल विमानों के एयरबेस पर उतरने के बाद वाटर सैल्यूट देकर स्वागत किया गया। इस दौरान वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया सहित वायुसेना के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
बता दें कि अंबाला एयरबेस पर राफेल की अगवानी वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदाैरिया समेत वेस्टर्न एयर कमांड के कई अधिकारियों ने की। 22 साल बाद भारत को 5 नए लड़ाकू विमान मिले हैं। इससे पहले 1997 में भारत को रूस से सुखोई मिले थे।
दुनिया में अपनी लड़ाकू क्षमता का लोहा मनवाने वाला 'राफेल' आज भारत पहुंच गया है। इस हवाई जहाज को बनाने में महिलाओं और दिव्यांगों का खास योगदान रहा है। फ्रांस की कंपनी 'डसॉल्ट एविएशन' ने इन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका दिया है।
फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप के पांच विमान आज अंबाला के वायुसेना एयरबेस पहुंच गए। देशभर के लोगों की निगाहें आज राफेल पर टिकी हुई थीं। हर देशवासी इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर गौरव की अनुभूति कर रहा है। राफेल के आगमन को लेकर देशभर के लोग तो उत्साहित हैं ही, लेकिन उत्तर प्रदेश का सिर गौरव से ऊंचा हो गया है। इसका कारण है राफेल को उड़ाकर भारत लाने वाले प्रदेश के दो जांबाज बेटे। राफेल को उड़ा कर भारत लाने वाली टीम में उत्तर प्रदेश के दो विंग कमांडर मनीष सिंह और अभिषेक त्रिपाठी भी शामिल हैं। राफेल के आने की तारीख की जानकारी होने के बाद से ही दोनों विंग कमांडर के गांवों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन राफेल विमानों का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, 'राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च। नभः स्पृशं दीप्तम्... स्वागतम्!' इसका मतलब है 'राष्ट्र की रक्षा से बड़ा न कोई पुण्य है, कोई न व्रत है और न ही कोई यज्ञ है। आकाश को स्पर्श करने वाले... स्वागत है।'
फ्रांस से सात हजार किलोमीटर का हवाई सफर तय करने के बाद पांच राफेल विमानों का बेड़ा आज भारत की सरजमीं पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विमानों का स्वागत संस्कृत के एक श्लोक से किया।
भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इनकी तस्वीरों को भी शेयर किया। वायु सेना ने अपने ट्वीट में लिखा, गोल्डेन एरो का स्वागत है। राफेल विमानों का सुखोई ने स्वागत किया। बता दें कि राफेल विमानों के बेड़े को वायु सेना ने 'गोल्डेन एरो' नाम दिया है।
फ्रांस से सात हजार किलोमीटर का हवाई सफर तय करके पांच राफेल विमान बुधवार की दोपहर तीन बजे अंबाला एयरबेस पहुंच गए। भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद राफेल विमानों को दो सुखोई 30 एमकेआई ने अपने घेरे में ले लिया और इन्हें अंबाला एयरबेस तक लेकर आए।
राफेल सौदे को वायुसेना की लड़ाकू क्षमताओं में आ रही कमी को ध्यान में रखते हुए किया गया था। बता दें कि, चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़ने के लिए 42 से ज्यादा यूनिट्स की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन वायुसेना की यूनिट्स घटकर 31 हो गई थी।
राफेल लड़ाकू विमानों को खासतौर पर भारतीय वायुसेना के लिए तैयार किया गया है। इसमें भारतीय परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए हेल्मेट माउंटेड साइट, रडार चेतावनी रिसीवर, फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर, इंफ्रारेड सर्च और ट्रैक सिस्टम, जैमर, उच्च ऊंचाई वाले ठिकानों से संचालन के लिए कोल्ड इंजन जैसे फीचर्स लगाए गए हैं।
इस तरह से 'बाहुबली' राफेल विमान ने अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग की।
राफेल विमानों के अंबाला एयरबेस पर लैंड करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'बर्ड्स अंबाला में सुरक्षित उतर गए हैं। भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का पहुंचना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। ये मल्टीरोल वाले विमान वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। मैं एक भारतीय वायुसेना को बधाई देता हूं। झे यकीन है कि 17 गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन, 'उदयम आश्रम' के अपने आदर्श वाक्य को जारी रखेंगे। मुझे बेहद खुशी है कि भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता को समय पर बढ़ावा मिला।'
अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों ने लैंडिंग कर ली है। विमान ने सोमवार को फ्रांस के एयरबेस से उड़ान भरी थी।
राफेल लड़ाकू विमान अंबाला पहुंच गए हैं। चंद मिनटों में विमान अंबाला एयरबेस पर लैंड करेंगे।
स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किलोमीटर है। राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता।
राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस के पास पहुंच गए हैं। कुछ ही मिनटों बाद ये एयरबेस पर लैंड करेंगे। जहां उन्हें वाटर सैल्यूट दिया जाएगा।
राफेल विमान में ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है। यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। इसे हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता।
तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई निगरानी, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोड रडार लगे हैं। विमान कुछ ही देर में अंबाला एयरबेस पहुंच जाएंगे।
भारतीय वायुसेना ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना है। दरअसल राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था।
रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, 'बर्ड्स भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं। हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला।'
राफेल लड़ाकू विमान पिछले कई वर्षों से भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा। लोकसभा चुनावों में यह विपक्षी दलों का मुद्दा भी था। हालांकि केंद्र सरकार आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। सरकार का दावा है कि वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए इस सौदे को जल्दी पूरा करना जरूरी था। अब थोड़ी ही देर में ये विमान भारतीय धरती पर लैंड करने वाले हैं।
भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत कोरोना वायरस के साथ-साथ सीमा पर पाकिस्तान और चीन का भी मजबूती से मुकाबला कर रहा है। आज का भारत पहले वाला भारत नहीं रहा। भारत की इस छवि को दुनिया भी समझ रही है।
राफेल अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है। विमान में ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है। यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी भी देता है।
राफेल लड़ाकू विमान मुंबई एयरस्पेस पहुंच गए हैं। यानी अब एक घंटे से भी कम समय में विमान अंबाला एयरबेस पहर लैंड करेंगे।
आईएनएस कोलकाता ने राफेल दल को कहा- आप गौरव के साथ आकाश को छूएं। हैप्पी लैंडिंग।
राफेल दल के नेता ने कहा- विश यू फेयर विंड्स। हैप्पी हंटिंग। ओवर एंड आउट
राफेल युद्ध के समय अहम भूमिका निभाने में सक्षम है। हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं। तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई निगरानी, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोड रडार लगे हैं।
राफेल विमान भारतीय वायुसीमा में दाखिल हो गए हैं। यूएई से उड़ान भरने के बाद विमान अंबाला एयरबेस के लिए रवाना हो चुके हैं। कंट्रोल रूम ने इन पांचों विमानों का स्वागत कर बेस्ट ऑफ लक कहा।
राफेल एक मिनट में करीब 60 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इससे भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी। अभी तक भारतीय वायुसेना का मिग विमान अचूक निशाने के लिए जाना जाता था, लेकिन राफेल का निशाना इससे भी ज्यादा सटीक होगा। राफेल विमान फ्रांस की कंपनी द्वारा बनाया गया दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है।
3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखने वाले फाइटर जेट राफेल के भारत आने से न केवल एयर डिफेंस को मजबूती मिलेगी, बल्कि विजिलेंस भी मजबूत हो जाएगा। परमाणु हथियार समेत तमाम मारक हथियारों को इसके माध्यम से लॉन्च किया जा सकेगा।
इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जा सकता है जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत ने जो 36 राफेल विमान खरीदे हैं उनमें से 30 विमान लड़ाकू जबकि छह प्रशिक्षक विमान हैं।
भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉ एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा कि अंबाला के लोग विमानों के आगमन को लेकर बहुत उत्साहित हैं। राफेल विमान भारत द्वारा पिछले दो दशक से अधिक समय में लड़ाकू विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इन विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोतरी होने की संभावना है।
हरियाणा पुलिस ने सैन्य अड्डे के पास स्थित आवासीय इलाकों में कई नाके बनाए हैं और कई पुलिस अधिकारी गश्त लगाते भी दिखे। लाउडस्पीकर से लोगों को छतों पर खड़े होकर तस्वीरें ना लेने और वीडियो ना बनाने की चेतवानी भी दी जा रही है। उन्होंने ऐसा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
अधिकारियों ने पहले बताया था कि अंबाला जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा जारी कर सैन्य अड्डे के तीन किलोमीटर के दायरे में निजी ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगा दी है। धुलकोत, बल्देव नगर, गरनाला और पंजखोरा सहित सैन्य अड्डे से लगे गांवों में धारा 144 लागू कर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया।
अधिकारियों ने बताया कि इन विमानों में एक सीट वाले तीन और दो सीट वाले दो विमान होंगे। अधिकारियों ने अंबाला सैन्य अड्डे के आसपास निषेधाज्ञा जारी कर तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है।
पांच लड़ाकू विमानों का यह बेड़ा हरियाणा के अंबाला एयरबेस में तैनात रहेगा। लड़ाकू विमानों के इस बेड़े ने सोमवार को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी। ये विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बुधवार दोपहर अंबाला पहुंचेंगे।
'मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'हिंदुस्तान का आसमान आज राफेल की गर्जना से और देश का माथा आज गौरव से गौरवान्वित होगा। अगर मातम होगा तो केवल तीन जगह होगा, चीन, पाकिस्तान और जो सुबह से ट्वीट कर रहे हैं उनके यहां। जो लोग रोज सुबह उठकर कभी सेना का मनोबल गिराते हैं, कभी देश के सम्मान और स्वाभिमान को आहत करते हैं, अच्छा होगा अगर ऐसे लोग किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लें।'