मल्लिकार्जुन खड़गे-निर्मला सीतारमण
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राफेल को लेकर आज संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। द हिंदू में छपी रिपोर्ट के अधार पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। जिसके जवाब में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। रक्षामंत्री ने कहा कि अखबार को पूरा सच सामने रखना चाहिए। वहीं टीएमसी और कांग्रेस ने लोकसभा में राफेल मुददे को उठाया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी बीच कांग्रेस के सदस्य अंग्रेजी अखबार की खबर की कतरन हाथ में लेकर आसन के समीप आ गये। राफेल मुद्दे से जुड़ी खबर की कतरन दिखाते हुए विपक्षी सदस्य चौकीदार चोर है के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस के साथ ही वामपंथी दल, तेलुगूदेशम पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य भी आसन के समीप आ गये और राफेल मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे।
तत्कालीन रक्षा सचिव के राफेल वार्ता को लेकर असहमति में किए गए नोट को लेकर हंगामा हुआ। टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'मोदी और शाह दोनों देश की रक्षा रीढ़ को नष्ट करना चाहते हैं।'
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा रक्षा सचिव के राफेल वार्ता को लेकर जारी किए गए नोट पर कहा, 'हमने इसपर संयुक्त संसदीय बैठक की मांग की थी। उससे सबकुछ पता चल जाता। हमें अब कोई स्पष्टीकरण नहीं चाहिए। हम पीएम से भी काफी स्पष्टीकरण सुन चुके हैं।'
विपक्ष के आरोप पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा, तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने विदेश सचिव के नोट के जवाब में कहा था कि शांत रहें, चिंता करने की कोई बात नहीं है। सबकुछ सही चल रहा है। अब आप पूर्व पीएमओ में सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सलाहकार परिषद को क्या कहते हैं? वह क्या था?
राफेल सौदे को लेकर एक अखबार की खबर को सिरे से खारिज करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह गड़े मुर्दे को उखाड़ने जैसा है। विपक्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निहित स्वार्थ से जुड़े तत्वों के हाथों में खेल रहा है।