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राफेल सौदा: केंद्र सरकार ने नया हलफनामा दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगा समय

Mon, 29 Apr 2019 11:23 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राफेल विमान (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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उच्चतम न्यायालय ने राफेल मामले में पुनर्विचार याचिकाओं पर मंगलवार को होने वाली सुनवाई स्थगित करने के बारे में केंद्र को संबंधित पक्षकारों में पत्र वितरित करने की सोमवार को अनुमति दे दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार के वकील ने इस मामले का उल्लेख करते हुये वितरित करने की अनुमति मांगी। 

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पीठ ने केंद्र को पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं सहित सभी पक्षकारों में इसे वितरित करने की अनुमति प्रदान कर दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा अधिवक्ता प्रशांत भूषण के अलावा एक अन्य अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने राफेल सौदे के बारे में शीर्ष अदालत के 14 दिसंबर, 2018 के फैसले पर पुनर्विचार याचिकायें दायर कर रखी हैं।

शीर्ष अदालत ने इस फैसले में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे को चुनौती देने वाली सारी याचिकायें खारिज कर दी थीं। शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को इस सौदे से संबंधित लीक हुए कुछ दस्तावेजों पर आधारित करने वाली अर्जियां स्वीकार कर लीं पुनर्विचार याचिका पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियों को अस्वीकार कर दिया जिससे केंद्र को झटका लगा। केंद्र ने इन दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा किया था। 
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केंद्र का तर्क था कि ये तीन दस्तावेज अनधिकृत तरीके से रक्षा मंत्रालय से निकाले गये हैं और याचिकाकर्ताओं ने 14 दिसंबर, 2018 के शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ अपनी पुनर्विचार याचिकाओं के समर्थन में इनका इस्तेमाल किया है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि ये दस्तावेज ‘सार्वजनिक’ हैं और एक प्रमुख समाचार पत्र द्वारा इनका प्रकाशन संविधान में प्रदत्त बोलने की आजादी के सांविधानिक अधिकार के अनुरूप है। 

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि संसद द्वारा बनाया गया ऐसा कोई भी कानून उसके संज्ञान में नहीं लगाया गया है जिसमे संविधान के अनुच्छेद 19(2) में उल्लिखित किसी भी आधार पर ऐसे किसी दस्तावेज का प्रकाशन विशेष रूप से प्रतिबंधित किया गया हो।
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