राफेल विमानों की खरीद के लिए नई कीमत ऑफर की थी।
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राफेल विमानों की फंसी हुई डील का जल्द ही कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। राफेल विमानों की खरीद को लेकर फ्रांस ने भारत को नई कीमत ऑफर की थी। फ्रांस ने 36 नए विमानों के लिए 7.8 अरब यूरो का भुगतान करना का ऑफर दिया है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार फ्रांस के बैंक गारंटी देने से मना करने के बाद फ्रांस की तरफ से भेजे गए ऑफर का भारत ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
फ्रांस की तरफ से भारत को जो नया ऑफर दिया गया है, यह अभी तक की सबसे न्यूनतम कीमत है। राफेल डील की शुरुआत में कहा गया था कि राफेल फाइटर जेट विमानों का 10 साल का सपोर्ट पीरियड रहेगा लेकिन नए ऑफर में सपोर्ट पीरियड घटाकर 5 साल कर दिया गया।
राफेल डील से जुड़े फ्रांस के राजदूत फ्रांकोइस रिशिर जून में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद फ्रांस लौट जाएंगे। सूत्र कह रहे हैं उनके जाने से इस डील में और पेचीदगियां आ जाएंगी। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे के समय फ्रांस से 36 राफेल फाइटर विमान खरीदने का निर्णय लिया था।
फ्रांस की तरफ से भारत को जो नया ऑफर दिया गया है, यह अभी तक की सबसे न्यूनतम कीमत है। ईटी की खबर के मुताबिक फ्रांस के दो अधिकारी दो सप्ताह पहले भारत आए थे। उन्होंने भारत सरकार को वो अंतिम कीमत बताई है जिसपर भारत और फ्रांस का इन विमानों की खरीद को लेकर समझौता हो सकता है।
आपको बताते चले कि इस डील को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि राफेल फाइटर जेट विमानों की खरीद के लिए इससे पहले 8.8 बिलियन यूरो की कीमत तय हुई थी। यही नहीं आईटी विभाग इसको लेकर एक विज्ञापन भी जारी कर चुका था।
इससे पहले 21 अप्रैल को देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि राफेल डील को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस डील को रक्षा मंत्रालय और कैबिनेट दोनों की मंजूरी मिल चुकी है।