फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- पीएमओ का राफेल सौदे की निगरानी करना दखल नहीं

Sat, 04 May 2019 11:33 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
राफेल लड़ाकू विमान (फाइल फोटो)
विज्ञापन

केंद्र सराकर ने उच्चतम न्यायालय में राफेल की पुनर्विचार याचिका पर ताजा हलफनामा दायर किया है। 14 दिसंबर को, 2018 को दिए अपने आदेश में अदालत ने 36 लड़ाकू विमानों की खरीद को सही पाते हुए बरकरार रखा था। अदालत ने कहा था कि मीडिया रिपोर्ट और फाइलों की आतंरिक नोटिंग के हिस्से को जानबूझकर सिलेक्टिव तरीके से पेश करना समीक्षा का आधार नहीं बन सकता है।

विज्ञापन

 


हलफनामे में केंद्र का कहना है कि इस अतंर सरकारी सौदे की प्रगति की प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा निगरानी किए जाने को राफेल सौदे में दखल या सामानांतर बातचीत नहीं माना जा सकता है। उस समय के रक्षामंत्री ने फाइल में रिकॉर्ड किया था कि ऐसा प्रतीत होता है कि पीएमओ और फ्रांसीसी राष्ट्रपति का कार्यालय उन मुद्दों की प्रगति की निगरानी कर रहा है जो शिखर बैठक का एक परिणाम था।

इससे पहले 29 अप्रैल को केंद्र सरकार ने ताजा हलफनामा दायर करने के लिए अदालत से समय मांगा था। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार के वकील ने इस मामले का उल्लेख करते हुए संबंधित पक्षकारों में पत्र वितरित करने की अनुमति मांगी थी। 
विज्ञापन


पीठ ने केंद्र को पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं सहित सभी पक्षकारों में इसे वितरित करने की अनुमति प्रदान कर दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा अधिवक्ता प्रशांत भूषण के अलावा एक अन्य अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने राफेल सौदे के बारे में शीर्ष अदालत के 14 दिसंबर, 2018 के फैसले पर पुनर्विचार याचिकायें दायर की हुई हैं।

अदालत ने इस फैसले में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे को चुनौती देने वाली सारी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को इस सौदे से संबंधित लीक हुए कुछ दस्तावेजों पर आधारित करने वाली अर्जियां स्वीकार कर लीं पुनर्विचार याचिका पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियों को अस्वीकार कर दिया जिससे केंद्र को झटका लगा। केंद्र ने इन दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा किया था।
विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें