केंद्रीय मंत्री पॉन राधाकृष्णन ने एक बार फिर नक्सलियों और चरमपंथियों के बढ़ते अस्तित्व को लेकर तमिलनाडु सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों, माओवादियों और मुस्लिम चरमपंथियों ने कुछ मीडिया घरों में भी घुसपैठ कर ली है। राज्य सरकार इन ताकतों पर लगाम लगाने में पूरी तरह से फेल हो गई है। लेकिन अब तेजी से इनके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है, वरना आगे चलकर यह एक बड़ी परेशानी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार इस समस्या का समाधान नहीं करती है तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
इससे पहले शुक्रवार को भी उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु आतंकवादियों और नक्सलियों के लिए प्रजनन स्थल बन गया है। वह पिछले एक साल से इस बारे में चेतावनी दे रहे हैं लेकिन राज्य सरकार ने ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों की जांच करने के लिए अभी तक कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगर इन असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए किसी भी तरह की मदद मांगती है तो केंद्र सरकार इसके लिए हमेशा तैयार है।
जल्लीकट्टू के लिए मरीना के विरोध को याद करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि चरमपंथी तत्वों ने भी प्रदर्शनकारियों में सफलतापूर्वक घुसपैठ कर लिया था और उन्होंने इसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्र विरोधी तत्वों की उपस्थिति के परिणामस्वरूप ही मरीना में पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई।
उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवादी हैं और मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी यह बात कही है। हालांकि तमिलनाडु के मंत्री राधाकृष्णन के इन आरोपों को बकवास करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि तमिलनाडु शांतिपूर्ण राज्य है और यहां नक्सली, आतंकवादी या किसी भी तरह की चरमपंथी ताकतें सक्रिय नहीं हैं।