लोकसभा चुनाव के नतीजों में मिली हार को बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस को एक और झटका लगा है। मंगलवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने तो लोकसभा चुनावों में भी पार्टी के लिए प्रचार नहीं किया। मैं पार्टी हाईकमान पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। उन्होंने मुझे विपक्ष का नेता चुन कर एक बड़ा अवसर दिया। मैंने भी अपनी तरफ से अच्छे से काम करने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि मुझे इस्तीफा देना पड़ा।
कयास लगाए जा रहे हैं कि राधाकृष्ण भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उनके बेटे सुजय विखे पाटिल पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं। सुजय इस बार अहमदनगर से सांसद भी चुने गए हैं।
अब माना जा रहा है कि राधाकृष्ण विखे पाटिल को इसी महीने होने वाले राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इससे पहले भी कांग्रेस को लेकर उनकी नाराजगी साफ दिखी है, जब सुजय को कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण उन्होंने इसे अन्याय बताया था। सुजय की जीत के बाद राधाकृष्ण पाटिल ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्होंने बेटे के लिए खुला प्रचार किया है।
खबर है कि पाटिल के साथ ही 10 और विधायक भी कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।