केंद्र सरकार ने सीबीआई के विशेष निदेशक आरके दत्ता का कार्यकाल समय से पहले समाप्त कर उनका तबादला गृह मंत्रालय में करने को कानून के अनुरूप बताया है। साथ ही सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सीबीआई के नियमित निदेशक के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और दिसंबर के आखिरी सप्ताह में कोलेजियम की बैठक प्रस्तावित है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने जस्टिस कूरियन जोसफ की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि आरके दत्ता का तबादला दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेबलिस्मेंट एक्ट की धारा-4 सी के तहत किया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि सीबीआई के नियमित निदेशक की नियुक्ति की औपचारिकताएं शुरू हो चुकी हैं।
अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सीबीआई निदेशक की नियुक्ति वाली कोलेजियम (प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष) की बैठक दिसंबर के आखिरी हफ्ते में होगी। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई 17 जनवरी तक के लिए टाल दी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट कॉमन काज नामक गैर सरकारी संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है।
याचिका में राकेश अस्थाना को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि राकेश अस्थाना को अंतरिम निदेशक बनाकर सरकार सीबीआई को खत्म करना चाहती है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अस्थाना को सीबीआई का कार्यकारी निदेशक बनाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया। सरकार ने यह काम गैरकानूनी और मनमाने तरीके से किया है। याचिका में कहा गया है कि इस दशक में पहली बार ऐसा हुआ है जब सीबीआई में पूर्णकालिक निदेशक नहीं है।