उ.प्र. के पूर्व डीजीपी और बीएसएफ के डीजी रहे प्रकाश सिंह ने हैदराबाद की घटना पर गंभीर सवाल उठाया है। प्रकाश सिंह का कहना है कि हैदराबाद पुलिस का मुठभेड़ करने यह तरीका पूरी तरह से अनप्रोफेशनल है। प्रकाश सिंह ने कहा कि जब भी पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए आरोपी को लेकर जाती है, तो कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।
मसलन हर आरोपी की पूरी तरह से फिजिकल जांच-पड़ताल की जाती है कि कहीं वह अपने साथ कुछ हथियार या रसायन या कुछ ऐसी सामग्री तो नहीं लिए हुए है। क्राइम सीन रीक्रिएशन वाले स्थान को लेकर सावधानी, इससे जुड़ी सूचना को लेकर सावधानी बरती जाती है।
पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार जाने माने पुलिस अधिकारी हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाते हैं। नक्सलियों से लोहा लेने में भी उनका रिकार्ड रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी पुलिस सेवा के दौरान हुआ यह तीसरा सबसे चर्चित एनकाऊंटर है। पहला एनकाउंटर 2008 में वारांगल जिले में किया गया था। वहां इंजीनियरिंग की एक छात्रा पर आरोपियों ने तेजाब से हमला कर दिया था। आरोपी श्रीनिवासन छात्रा से एकतरफा प्यार करता था।
छात्रा के इनकार के बाद उसने दो साथियों की मदद से इस घटना को अंजाम दिया था। बताते हैं तब वारांगल में इसे लेकर काफी गुस्सा था। एसपी वीसी सज्जनार ही थे। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था और कुछ देर बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि इस घटना के बाद भी लोगों ने वीसी सज्जनार की काफी तारीफ हुई थी।