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संसद में काला चश्मा पहनने पर उठे सवाल: पीएम बालेंद्र सफाई में बोले- डॉक्टर ने चश्मा लगाने को कहा; विवाद क्या?

Wed, 26 Aug 2026 06:15 AM IST
ज्योति भास्कर अतुल मिश्र, काठमांडो।
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नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह (फाइल) - फोटो : पीटीआई
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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की आंखों की स्वास्थ्य रिपोर्ट संसद को भेजी गई है। यह रिपोर्ट संसद में पीएम समेत कुछ सांसदों के काला चश्मा पहनने को लेकर हुई आलोचना और बहस के बीच सामने आई है। प्रतिनिधिसभा में बुधवार, 26 अगस्त को प्रधानमंत्री के साथ प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी निर्धारित है।

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सैनिक अस्पताल में क्या सलाह मिली?
शाह ने इसी महीने 7 अगस्त को काठमांडो के छावनी स्थित वीरेंद्र सैनिक अस्पताल में आंखों की जांच कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें तेज रोशनी में देखने में परेशानी हो रही थी। चिकित्सकों ने आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरत के अनुसार सनग्लास पहनने की सलाह दी।

डॉक्टर की सिफारिश क्या है?
नेत्र रोग विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नेल डॉ. सचित ढकाल ने जरूरत पड़ने पर कार्बोक्सिमेथाइलसेल्यूलोज 0.5% आई ड्रॉप इस्तेमाल करने की भी सिफारिश की।
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कई नेताओं के चश्मे पर उठे सवाल, PM के अलावा कौन?
प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री सुधन गुरुङ, मंत्री सुनील लम्साल और सांसद खगेंद्र सुनार समेत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं के संसद में काला चश्मा पहनने पर भी चर्चा हुई थी। प्रतिनिधिसभा में नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज ने व्यंग्य करते हुए सवाल किया था कि क्या यह देश काला चश्मा, काला कोट और काली कार वालों का है?

संसद में निर्धारित पोशाक संहिता का पालन कैसे?
इससे पहले सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने सांसदों की पोशाक और आचरण को लेकर निर्देश देते हुए कहा था कि संसदीय कार्यवाही के दौरान काला चश्मा पहनना उचित नहीं है। उन्होंने निर्धारित पोशाक संहिता का पालन कर सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की थी।

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