रेलवे यात्रियों की बराबर शिकायत रहती है कि खाने का आर्डर कुछ दिया गया है और व्यंजन उनकी थाली में कुछ और परोस दिया गया। इससे छुटकारे के लिए रेलवे क्यूआर कोड परोसे गए व्यंजन पर दे रहा है। इस क्यू आर कोड को स्कैन करने पर ये तो पता चलेगा ही कि व्यंजन किस तरीके का है। साथ ही आप यह भी वीडियो के माध्यम से देख सकेंगे कि खाना किस तरह के किचन में बना है।
वीडियो के माध्यम से पता चल जाएगा कि शाकाहारी किचन में शाकाहारी खाना पका है या मांसाहारी किचन में। नई दिल्ली स्टेशन पर इस तरह का आधुनिक किचन तैयार कर लिया गया है। फिलहाल राजधानी, शताब्दी ट्रेनों में क्यू आर कोड वाला खाना परोसा जा रहा है जल्द ही अन्य ट्रेनों के यात्रियों को भी इसतरह की सुविधा दी जाएगी।
रेलवे अधिकारी जीएम सिंह ने बताया कि नई दिल्ली स्टेशन के बेस किचन में तैयार होने वाले सभी खाने पर क्यू आर कोड डाला जा रहा है। आधुनिक मशीनों से पैकिंग के बाद इस पर कोड डाला जाता है। यात्रियों को शुद्ध वैष्णव व जैन खाने की अलग से पैकिंग की जा रही है। इतना ही नहीं अलग-अलग किचन में भी तैयार की जा रही है। खाने को हाइजेनिक तरीके से तैयार किया जा रहा है।