पाइथन, एनाकॉन्डा की मदद से भारतीय रेलवे सामान को एक जगह से दूसरी जगह जल्दी पहुंचा पा रही है। अगर आप भी नाम देखकर इनको सांप समझ रहे हैं तो आपको भी धोखा हो रहा है। यहां बात हो रही है सामान को इधर-उधर लेकर जाने वाली लंबी-लंबी माल वाहक ट्रेनों की।
ये ट्रेनें काफी लंबी होती हैं और देखने में सांप की तरह लगती हैं इसलिए ही इनका ऐसा नाम रखा गया है। नॉर्थन सेंट्रल रेलवे को पाइथन, वेस्ट्रन रेलवे को एनाकॉन्डा और सेंट्रल रेलवे को मारुति के नाम से जाना जाता है।
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अधिकारियों के मुताबिक, इन ट्रेनों से ना सिर्फ माल को जल्दी पहुंचाने में मदद मिलती है बल्कि ये सुलभ, कम खर्चीली भी होती हैं। केंद्र सरकार ने साल 2017-18 में इन ट्रेनों पर प्रमुख रूप से ध्यान देने के बारे में सोचा है।