देश में जहां निजी अस्पतालों में इलाज करवाना खर्चीला होता जा रहा है। वहीं उनके साथ धोखा भी किया जा रहा है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि कई निजी अस्पतालों में कैथटर, गाइड वायर और बलून जैसे डिस्पोजेबल जो ऐंजियोप्लास्टी में इस्तेमाल होते हैं इनका बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
जबकि एक बार उपयोग में लाकर इनका निपटान करना जरूरी होता है।
टाईम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ये अस्पताल उपयोग में लाए जा चुके इन सामानों की कीमत पता नहीं कितनी बार वसूलते रहते हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि इस गोरखधंधे से अस्पताल हरेक इलाज में बीस से तीस हजार रुपये का फायदा ले रहे हैं।