पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज। एक 82 साल के बुजुर्ग ने वोटर लिस्ट से नाम कटने के डर और तनाव में आकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
FIR Against EC: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 82 वर्षीय बुजुर्ग ने कथित रूप से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के चलते आत्महत्या कर ली। बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके बेटे की शिकायत पर 23 दिन बाद यह मामला दर्ज हुआ है। इस घटना ने राज्य में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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उकसाने और साजिश के लगे आरोप
अधिकारी ने बताया कि पुरुलिया जिले के पारा पुलिस स्टेशन में चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। केस में चुनाव आयोग के अधिकारियों पर उकसाने और आपराधिक साजिश के आरोप हैं। हालांकि, प्राथमिकी में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया गया। मृतक दुर्जन माझी पारा ब्लॉक के चौताला गांव के एक आदिवासी थे। उन्हें मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की सुनवाई के लिए ब्लॉक कार्यालय में पेश होना था, लेकिन कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। माझी के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चिंता से अपनी जान दी।
लोगों में डर फैला रही है SIR प्रक्रिया: टीएमसी
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया से लोगों में डर पैदा किया जा रहा है। बीजेपी और चुनाव आयोग ने अब तक इस आरोप पर कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, एक दूसरी घटना में पुरुलिया जिले के मनबाजार में 32 साल के आदिवासी युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनके परिवार का दावा है कि उन्हें एसआईआर सुनवाई का नोटिस मिला था।