शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन पर 29 सितंबर को हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है। ठाणे पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इन दो गिरफ्तारियों के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है।
गिरफ्तार दोनों आरोपी कौन हैं?
पुलिस अधिकारी ने बताया कि संतोष कनौजिया उर्फ टल्ली और अमित सिंह उर्फ पपलू को गिरफ्तार किया गया है। ठाणे पुलिस की एक टीम ने दोनों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से पकड़ा। अधिकारी के मुताबिक, संतोष कनौजिया गिरफ्तारी से बचने के लिए एक मंदिर के अंदर छिपा हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि कनौजिया के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। शक था कि वह देश छोड़कर भागने या दूसरे राज्यों में जाने की कोशिश कर सकता है।
हेलमेट पहनकर आए हमलावर की पहचान कैसे हुई?
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच का एक बड़ा हिस्सा हेलमेट पहनकर आए हमलावर की पहचान करना था। अधिकारी ने कहा,'हेलमेट पहने यह व्यक्ति कनौजिया के साथ घटनास्थल पर आया था। अब हमें पता चला है कि हेलमेट पहने वह व्यक्ति अमित सिंह है। वह ठाणे जिले के मीरा भयंदर इलाके का रहने वाला है'।
हत्या की साजिश किसने रची थी?
इससे पहले ठाणे पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सुभाष उर्फ पप्प्या शिंदे, निखिल यादव और नितेश पवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, हत्या की पूरी साजिश कनौजिया और शिंदे ने रची थी। दोनों ने हथियारों और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं का इंतजाम किया था। इसमें हत्या को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी भी शामिल थी।
कहां भागे थे आरोपी?
अधिकारी ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी रायगढ़ जिले की ओर भागे। इसके बाद वे उत्तर की तरफ गए और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे। यह जगह घटनास्थल से करीब 1,500 किलोमीटर दूर है। अधिकारी ने कहा कि कनौजिया और सिंह को उत्तर प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तार किया गया।
कौन थे प्रदीप पूर्णेकर?
प्रदीप पूर्णेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के मनपाड़ा वार्ड प्रमुख थे। 29 सितंबर को उनकी हत्या कर दी गई थी।
कितनी गोलियां चलाई गई थीं?
पुलिस के मुताबिक, पूर्णेकर पर हमले के दौरान करीब छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इनमें से दो गोलियां उन्हें लगी थीं। घटनास्थल से तीन खाली कारतूस के खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया था। गोलीबारी के बाद हमलावरों ने पूर्णेकर पर धारदार हथियार से भी हमला किया था।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
जांच के दौरान पुलिस ने पवार के पास से एक पिस्तौल बरामद की। इसके अलावा, यादव का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। वारदात के बाद भागने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।