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Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा में सुनाबेशा उत्सव के दौरान हुआ हादसा, एक की मौत; 70 से ज्यादा घायल

Sun, 06 Jul 2025 11:23 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी

सार

पुरी में सुनाबेशा दर्शन के दौरान भारी भीड़ के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में जगतसिंहपुर निवासी एक 53 वर्षीय श्रद्धालु की मौत हो गई। इसके साथ ही 70 से अधिक लोग घायल हुए। जिसमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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पुरी रथ यात्रा - फोटो : ANI
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विस्तार
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पुरी में रविवार को रथ यात्रा के 'सुनाबेशा' (सोने की पोशाक) उत्सव के दौरान भारी भीड़ जुटी। इसी बीच कई हादसे हुए जिनमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान 52 वर्षीय बाबाजी बेहरा के रूप में हुई है, जो जगतसिंहपुर जिले के रहने वाले थे। वे अपनी पत्नी के साथ जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के पास राधाबल्लभ मठ से ‘सुनाबेशा’ देख रहे थे। तभी एक बंदर के अचानक आ जाने से वे गिर पड़े और सिर में गंभीर चोट आ गई।

उन्हें पहले पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दौरान अन्य 70 से ज्यादा लोग भी विभिन्न हादसों में घायल हो गए। इनमें से लगभग 40 लोगों की हड्डियां टूटी हैं। एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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भारी भीड़ के चलते पुलिस ने जारी किया अलर्ट

हालांकि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भुवनेश्वर-पुरी हाईवे पर एलईडी स्क्रीन, ड्रोन, सोशल मीडिया और एसएमएस अलर्ट्स के जरिए जानकारी दी। भारी ट्रैफिक के कारण मालतीपटपुर और बाटागांव में तीन घंटे तक का इंतजार हो रहा था। वहीं ओडिशा के डीजीपी खुद आईसीसीसी से भीड़ नियंत्रण की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील किया है कि वे नियमों का पालन करें और संयम बनाए रखें।
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बता दें कि यह हादसा उस घटना के एक हफ्ते बाद हुआ है जब गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत और 50 अन्य घायल हो गए थे। वहीं सुबरनपुर जिले के बिनिका कस्बे में 'बहुड़ा यात्रा' के दौरान रथ खींचते समय छह लोग घायल हो गए। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं जो कि रथ के पहियों के नीचे आ गए और घायल हो गए।

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सुनाबेशा उत्सव - फोटो : ANI

पुरी में 15 लाख भक्तों ने देखा जगन्नाथ जी का सुनाबेशा उत्सव
गौरतलब है कि रविवार को पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के ‘सुनाबेशा’ (सोने की पोशाक) दर्शन के लिए करीब 15 लाख भक्त जुटे। 12वीं सदी के श्रीमंदिर के सामने रथों पर विराजमान भगवानों को सोने के आभूषणों से सजाया गया।

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क्या है सुनाबेशा उत्सव की इतिहास?
सुनाबेशा की परंपरा 1460 से चल रही है, जब राजा कपिलेंद्र देव ने युद्ध में जीत के बाद मंदिर को ढेर सारा सोना दान किया था। भगवानों को लगभग 208 किलोग्राम सोने के आभूषणों से सजाया गया। भगवान जगन्नाथ के हाथ में सोने का चक्र और चांदी की शंख, बलभद्र के पास सोने का हल और गदा, और देवी सुभद्रा के पास भी सोने के कई आभूषण थे। इस भव्य दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। 205 प्लाटून राज्य पुलिस, 800 केंद्रीय बलों के जवान, ड्रोन और एआई तकनीक से भीड़ और ट्रैफिक पर नजर रखी गई।

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