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मुख्तार अंसारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने पंजाब और यूपी, जानिए पूरा मामला

Wed, 03 Mar 2021 04:53 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई
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गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को लेकर लेकर उत्तर प्रदेश और पंजाब सरकार के बीच टकराव बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में भी दिखाई दिया। अदालत ने अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान अंसारी के वकील मुकुल रोहतगी ने उत्तर प्रदेश में अंसारी का एनकाउंटर होने का भय जताते हुए उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी मामलों को राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तुषार मेहता ने पूरे मामले को किसी फिल्मी कहानी जैसा बताया। अदालत ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है।

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रोहतगी ने अदालत से कहा कि मुख्तार अंसारी पांच पार विधायक रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस फर्जी एनकाउंटर कर रही है। अंसारी के सहयोगी मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या कर दी गई थी। ऐसे में अंसारी की जान को भी खतरा है। अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कृष्णानंद राय हत्या मामले की सुनवाई भी दिल्ली स्थानांतरित कर दी गई थी। इसलिए इस मामले को भी दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए।

वहीं, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पूरे मामले को किसी फिल्म की कहानी जैसा करार दिया। मेहता ने कहा कि पंजाब पुलिस को शिकायत मिली कि अंसारी ने रंगदारी के लिए एक व्यापारी को फोन किया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की अनुमति लिए बिना उसे बांदा जेल से पंजाब ले जाया गया। उन्होंने कहा अंसारी को पंजाब में रखना असंवैधानिक है।
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सॉलिसिटर जनरल ने सवाल किया कि पंजाब के व्यापारी को फोन कर अंसारी ने रंगदारी मांगी थी को पंजाब पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार्जशीट क्यों दाखिल नहीं की है? उन्होंने कहा कि इस मामले में मुकदमा दर्ज हुए दो साल हो गए हैं। 60 दिन बाद जमानत की अर्जी दी जा सकती है। मेहता ने अदालत से कहा कि लेकिन पंजाब पुलिस ने न चार्जशीट दाखिल की और न अंसारी ने जमानत की अर्जी। 

मेहता ने कहा, अगर पंजाब पुलिस को उसे ले जाना था तो स्थानीय अदालत से अनुमति लेनी चाहिए थी। इसके स्थान पर पंजाब पुलिस 22 जनवरी 2019 को जांच का एक आदेश लेकर पहुंची और जेलर को वह आदेश दिखा अंसारी को पंजाब ले गई। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में अंसारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुआ लेकिन उत्तर प्रदेश के वारंट पंजाब पुलिस उसकी तबीयत खराब होने की बात कह देते हैं।

उन्होंने कहा कि अंसारी पंजाब की जेल में है और वहीं से अपना अवैध कारोबार चला रहा है। इस संबंध में एक मामला उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में भी दर्ज है। उन्होंने अदालत से कहा कि पंजाब की जेल ने 29 अप्रैल 2019 और 22 जून 2019 को अंसारी को यूपी भेजने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि उसकी तबीयत सही नहीं है। जबकि इन्हीं तारीखों में वह दिल्ली में चल रहे मामले में पेश हुआ था।

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