पुणे के एक गांव में निवासियों ने 94 साल की महिला को सरपंच चुना है। जिले के भांबुरीवाड़ी गांव के लोगों ने गंगुबाई निवरुत्ति भांबुरे को मंगलवार को सरपंच चुना। खेड तालुका के इस गांव में अभिनंदन समारोह हुआ तो वह उससे बोर हो गईं। अभिनंदन समारोह में रहने के बजाय वह कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही लोगों से मिलने पहुंच गईं।
अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, गंगुबाई ने कहा, 'मैं गांव वालों को निराश नहीं करूंगी। मैं जवान की तरह चल सकती हूं और एक टीचर की तरह बात कर सकती हूं।' उन्होंने दोपहर में ही गांव का दौरा किया और कहा, 'मुझे धूप हो या बारिश, किसी से फर्क नहीं पड़ता।'
गांव वाले गंगुबाई को प्यार से आजी या आयी बुलाते हैं। पुणे जिले में वह सबसे उम्रदराज सरपंच बनी हैं। कार्यक्रम बीच में छोड़ते हुए उन्होंने कहा, 'चलो, यह काम करने का समय है। मुझे अपने लोगों के लिए कुछ करना है नहीं तो सिर्फ नाम के लिए सरपंच बनने का क्या फायदा।' गंगुबाई का कहना है कि वह पहले किसानों के लिए काम करेंगी।