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केतन हत्याकांड: पहले भी किले पर ले जाने की हुई कोशिश, वॉशरूम में फेंका पासपोर्ट; जांच में चौंकाने वाले खुलासे

Thu, 25 Jun 2026 01:06 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, पुणे।

सार

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच में सामने आया कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से संपर्क था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और लोणावला किले पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में पासपोर्ट गायब करने, पहले भी किले पर ले जाने की कोशिश और सीसीटीवी से आरोपी की पहचान जैसे कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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केतन अग्रवाल हत्याकांड - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पिछले करीब छह महीनों से लगातार संपर्क में थे। इन दोनों के बीच इस दौरान 2,004 फोन कॉल हुए और करीब 238 घंटे तक बातचीत हुई। पुलिस का कहना है कि यह लगातार संपर्क हत्या की साजिश का हिस्सा हो सकता है।
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पुलिस के अनुसार, 18 जून को हत्या वाले दिन दोनों ने एक कैफे में मुलाकात की थी। यहां उन्होंने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खत्म करने की प्लान पर चर्चा की और लोणावला के लोहागढ़ किले पर एक जगह भी तय की, जहां से उसे धक्का दिया जा सके।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद दोनों आरोपी केतन को किले पर लेकर गए और उसे घाटी में धक्का देकर मार डाला। इस मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने केतन को अपनी प्रेम कहानी में बाधा मान लिया था और उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था।
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पासपोर्ट गायब करने की कोशिश
जांच में यह भी पता चला कि 6 जून को मुंबई एयरपोर्ट जाते समय सिया गोयल ने केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था, ताकि उसका बाली जाने का प्लान रुक जाए। पुलिस का कहना है कि पासपोर्ट को कार से निकालकर एक मॉल के वॉशरूम में फेंका गया था। उसे बरामद करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और उनकी शादी नवंबर में उदयपुर में एक बड़े समारोह में होने वाली थी।

केतन को कई बार किले पर ले जाने की हुई कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया पहले भी केतन को कई बार लोहेगढ़ किले पर ले जाने की कोशिश कर चुकी थी। 31 मई को वह उसे वहां ले गई थी और 4 जून को फिर से ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसकी मां ने अनुमति नहीं दी। 14 जून को भी उसने केतन को किले पर ले जाकर कथित तौर पर धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया था।

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सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान
पुलिस ने यह भी बताया कि चेतन चौधरी की पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई, जिसमें वह घटना के समय किले पर संदिग्ध रूप से घूमता दिखा। पुलिस को उसका किले पर हुडी पहनकर घूमना संदिग्ध लगा क्योंकि उस दिन तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था।
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आरोपी चेतन के पिता ने क्या कहा?
वहीं, आरोपी चेतन के वकील का कहना है कि उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है और एफआईआर में उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। चेतन के पिता ने भी दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे सिया द्वारा फंसाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि केतन अग्रवाल पुणे जिले के निवासी थे। वह एक रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक और मुख्य विपणन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
 
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