महाराष्ट्र के पुणे में कई माह पहले पोर्शे कार से हुए हादसे से जुड़े आरोपियों का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपी कथित तौर पर अपने परिवार के साथ जमानत मिलने का जश्न मनाते नजर आ रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। यूजर्स ने आरोप लगाया कि आरोपी को दो लोगों की जान लेने का कोई पछतावा नहीं है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब प्रसारित हो रही है।
गले में नोटों की माला और फिल्मी गाने पर डांस
पुणे पोर्शे मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को हाल ही में अदालत से जमानत मिली है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें विशाल अग्रवाल जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में विशाल के साथ उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी नजर आ रहे हैं। इस सोशल मीडिया पर जमानत मिलने के बाद जश्न मनाने से जोड़ा जा रहा है। वायरल क्लिप में विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी कथित तौर पर गले में नोटों की माला पहनकर डांस करते और जश्न मनाते दिख रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में फिल्मी गाना भी बज रहा है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर इस वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है कि यह कब का है। लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
मृतका के पिता बोले- दो लोगों को मारकर जश्न मना रहे
पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी को जमानत मिलने और उसके परिवार के जश्न मनाने का वीडियो वायरल होने पर मृतका अश्विनी के पिता सुरेश कोष्ठा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'शायद उनके समाज में दो लोगों को मारकर जश्न मनाने की परंपरा होगी। वे आम नागरिकों का मजाक उड़ा रहे हैं।'
सुरेश कोष्ठा ने कहा कि कानून आम लोगों को बांधकर रखता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों को सजा से बचने के रास्ते मिल जाते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई नाबालिग है तो क्या वह कुछ भी कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट को ऐसा फैसला देना चाहिए जिससे लोगों में कानून का डर पैदा हो।' उन्होंने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, 'अब कानून का कोई डर नहीं रह गया है। हाई कोर्ट सजा देता है और सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल जाती है। इससे अपराध को बढ़ावा मिलता है।'
कोष्ठा ने कड़े कानूनों की मांग करते हुए कहा, 'जब तक भारत में मुस्लिम देशों की तरह 'खून के बदले खून' जैसा सख्त कानून नहीं बनेगा, तब तक कुछ नहीं बदलेगा।' उन्होंने कहा कि आरोपी की जमानत रद्द होनी चाहिए और उसके माता-पिता को भी जेल भेजा जाना चाहिए।
नाबालिग ने अपनी पोर्शे कार से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को कुचल दिया था
यह मामला 19 मई 2024 को हुई दुर्घटना से संबंधित है, जब पुणे के कल्याणी नगर इलाके में शराब के नशे में पोर्श कार चला रहे 17 वर्षीय युवक ने एक मोटरसाइकिल पर सवार अश्विनी कोष्ठा और अनीस अवधिया को टक्कर मार दी थी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में तीन आरोपी 18 महीने से जेल में बंद थे। इस मामले में कुछ आरोपियों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप है, जिसमें वे भी सह आरोपी बनाए गए थे।