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महाराष्ट्र: दही हांडी के बाद कई हादसे, पुणे में लोहे का ढांचा गिरने से महिला की मौत; मुंबई में 22 गोविंदा घायल

Sat, 05 Sep 2026 01:45 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में दही हांडी के जश्न के बीच पुणे और मुंबई से हादसों की खबर सामने आई। पुणे के ओल्ड सांगवी में कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोहे का अस्थायी ढांचा उतारते समय उसका भारी हिस्सा 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान पर गिर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं मुंबई और उपनगरों में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल हुए। 
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उत्सव के दौरान प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन पुणे में जश्न खत्म होते ही एक परिवार में मातम छा गया। ओल्ड सांगवी इलाके में शुक्रवार देर रात विघ्नहर्ता मंडल के दही हांडी कार्यक्रम के लिए लगाया गया अस्थायी लोहे का ढांचा हटाया जा रहा था। इसी दौरान ढांचे का भारी हिस्सा अचानक गिर गया और 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान इसकी चपेट में आ गईं। उनके सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सलमा की मौत के बाद परिवार ने क्या फैसला लिया?

  • पुलिस के मुताबिक सलमा के बेटे का आयोजन करने वाले मंडल से संबंध था।
  • घटना के बाद उनके परिवार ने आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया।
  • परिवार ने पुलिस से यह भी अनुरोध किया कि उसकी ओर से अपने स्तर पर मामला दर्ज न किया जाए।
  • फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की है।
  • पुलिस यह जांच कर रही है कि अस्थायी लोहे का ढांचा कैसे गिरा और उसे हटाते समय सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।

मुंबई में दही हांडी के दौरान कितने गोविंदा घायल हुए?

दूसरी ओर, मुंबई और उसके आसपास दही हांडी उत्सव के दौरान 22 गोविंदा घायल हुए। दही हांडी में गोविंदा कई मंजिल वाली मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकी दही हांडी फोड़ते हैं। नगर निकाय के अनुसार घायल 22 लोगों में से 21 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मुंबई शहर में 20 गोविंदा घायल हुए और सभी को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। पूर्वी उपनगर में घायल एक गोविंदा को भी उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि पश्चिमी उपनगर में घायल एक गोविंदा का इलाज जारी है।

उत्सव के दौरान प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे?

दही हांडी को देखते हुए मुंबई में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई थी और संवेदनशील इलाकों में भारी बंदोबस्त किया गया था। नगर निकाय ने घायल गोविंदाओं के इलाज के लिए भी विशेष इंतजाम किए थे। उपनगरों के 16 नगर निगम अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक अस्पताल, परेल का केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल का नायर अस्पताल तैयार रखे गए थे। इन अस्पतालों में गोविंदाओं के इलाज के लिए 100 से ज्यादा बिस्तरों की व्यवस्था की गई थी। पुणे की घटना ने हालांकि यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दही हांडी कार्यक्रम खत्म होने के बाद अस्थायी ढांचे हटाते समय सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी बरती जाती है।
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