फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pune Court Talaq Case: जज ने कहा- माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर नहीं...पति को क्यों होगी दिलचस्पी? छिड़ी बहस

Fri, 07 Mar 2025 03:12 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

आपकी मांग में सिंदूर नहीं है, माथे पर बिंदी तक नहीं है तो पति आखिर आपमें क्यों दिलचस्पी लेगा...पुणे की एक अदालत की जज ने यह टिप्पणी तलाक से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान की। पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाने वाली महिला से कही गई इस बात को अधिवक्ता अंकुर आर जहागीरदार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आपकी मांग में सिंदूर नहीं है, माथे पर बिंदी तक नहीं है तो पति आखिर आपमें क्यों दिलचस्पी लेगा...पुणे की एक अदालत की जज ने यह टिप्पणी तलाक से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान की। पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाने वाली महिला से कही गई इस बात को अधिवक्ता अंकुर आर जहागीरदार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद से लोग अलग-अलग तरीके से इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर इसे सही या गलत ठहराने में जुटे हैं।
विज्ञापन


महिला के आरोप के बाद विवाद
दरअसल, पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़े मामले में महिला ने आरोप लगाया था कि उसका पति उसमें रुचि नहीं लेता। घरेलू हिंसा और तलाक से जुड़े मामले की मध्यस्थता के लिए दोनों पक्ष अदालत में आए थे। इसी दौरान कोर्ट में जज की टिप्पणी सोशल मीडिया में आ गई जो चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ता जहागीरदार ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, जज ने महिला से कहा, मैं देख रही हूं कि न आपने बिंदी लगाई है और न ही मंगलसूत्र पहना है। अगर आप विवाहित महिला की तरह व्यवहार नहीं करेंगी, तो आपका पति आपमें क्यों दिलचस्पी लेगा।

क्या है टिप्पणी पर विवाद, समझिए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ समय पहले ही दोनों अलग हो गए थे और जज उन्हें आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। जहागीरदार ने यह भी लिखा कि जिला अदालतों की ओर से की जाने वाली ऐसी टिप्पणियां कई बार महिलाओं की परेशानी बढ़ाने वाली होती हैं। देखा जाए तो बहुत से शिक्षित लोगों के लिए इन टिप्पणियों को समझना मुश्किल है। ऐसे ही एक मामले में गुवाहाटी हाई कोर्ट ने साल 2020 में अपने फैसले में कहा था कि अगर महिला सिंदूर न लगाए और शाखा पोला (विवाहित महिलाओं के लिए पहनी जाने वाली चूड़ी) न पहने, तो इसे तलाक का आधार माना जा सकता है। हालांकि, कोर्ट की ओर से की जाने वाली ऐसी टिप्पणियों पर कई बार सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आती रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें