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इंसाफ: बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर कॉलेज कराएगा विशेष परीक्षा, छात्रा का जीवन बर्बाद होने से बचा; जानिए मामला

Thu, 29 May 2025 01:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद गिरफ्तार की गई इंजीनियरिंग की 19 वर्षीय छात्रा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। छात्रा को जमानत मिलने के बाद अब पुणे स्थित कॉलेज उसके लिए परीक्षा की अलग से व्यवस्था करेगा। छात्रा आज परीक्षा में शामिल होगी। 
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बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को 15 दिनों से ज्यादा जेल में रही पुणे की इंजीनियरिंग की 19 वर्षीय छात्रा को जमानत दे दी। उसे भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। छात्रा को जमानत मिलने के बाद पुणे स्थित कॉलेज ने बुधवार को कहा कि उन्होंने उसकी सेमेस्टर परीक्षा के लिए अलग से व्यवस्था की है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए इसे अतिवादी और बेहद हैरान करने वाली प्रतिक्रिया बताया। अदालत ने कहा कि सरकार का यह रवैया अनुचित है, जिसने छात्रा के साथ एक कट्टर अपराधी जैसा व्यवहार किया। अदालत ने छात्रा को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया, ताकि वह अपनी कॉलेज परीक्षाओं में शामिल हो सके। 

अदालत ने छात्रा के निष्कासन आदेश को भी निलंबित किया
जस्टिस गौरी गोडसे और जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन की अवकाशकालीन पीठ ने सवाल किया कि क्या पुलिस लड़की का जीवन बर्बाद करने पर तुली हुई थी। पीठ ने कहा, यह ऐसा मामला नहीं है, जहां लड़की को हिरासत में रखा जाए। अदालत ने छात्रा को यरवदा सेंट्रल जेल से रिहा करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग की ओर से जारी छात्रा के निष्कासन आदेश को भी निलंबित कर दिया। 
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अदालत ने कॉलेज और सरकार के आचरण पर उठाया सवाल
पुणे की छात्रा को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान शत्रुता पर सोशल मीडिया पोस्ट करने के लिए इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। लड़की को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। छात्रा ने कॉलेज के उसे निष्कासित करने के निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। पीठ ने टिप्पणी की, लड़की ने कुछ पोस्ट किया, फिर उसे अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने माफी मांग ली। उसे सुधरने का मौका देने के बजाय, राज्य सरकार ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे अपराधी बना दिया। न्यायालय ने सरकार और कॉलेज के आचरण पर सवाल उठाया। 

कोई छात्रा राय व्यक्त करेगी तो जीवन बर्बाद कर देंगे
अदालत ने सरकार से कहा, कोई व्यक्ति अपनी राय व्यक्त कर रहा है और आप इस तरह से उसका जीवन बर्बाद कर रहे हैं? एक छात्रा का जीवन बर्बाद हो गया है। अतिरिक्त सरकारी वकील पीपी काकड़े ने कहा कि लड़की की पोस्ट राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। इस पर अदालत ने कहा कि एक छात्रा की अपलोड की गई पोस्ट के कारण राष्ट्रीय हित को नुकसान नहीं होगा, उसने अपनी गलती का एहसास किया है और माफी मांगी है। अदालत ने कहा, राज्य इस तरह से किसी छात्रा को कैसे गिरफ्तार कर सकता है? क्या राज्य चाहता है कि छात्र अपनी राय व्यक्त करना बंद कर दें? राज्य की ओर से इस तरह की कटरपंथी प्रतिक्रिया व्यक्ति को और अधिक कट्टरपंथी बनाएगी।

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आज परीक्षा में शामिल होगी छात्रा
अदालत से जमानत मिलने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल किशोर पाटिल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, छात्रा की परीक्षा एक अलग कक्षा में आयोजित की गई है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि कॉलेज ने बुधवार को उसका एडमिट कार्ड जारी कर दिया है और वह बृहस्पतिवार को परीक्षा में शामिल होगी। 

गिरफ्तारी के कारण छूटे थे छात्रा के दो पेपर
कॉलेज प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि उसकी परीक्षा के लिए एक अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा और उसकी सुरक्षा के लिए एक पुरुष और एक महिला सुरक्षा गार्ड परिसर में उसके साथ रहेंगे। इसके अलावा, युवती के चाचा ने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार, कॉलेज ने उसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। हम उसके साथ कॉलेज जाएंगे और वापस घर आएंगे। बता दें कि गिरफ्तारी के कारण छात्रा के दो पेपर छूट गए थे। 

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