मामले में एक अधिकारी ने बताया, 'हमने ब्रिटिश उच्चायोग से यह भी पूछा है कि निलेश घायवाल ने वीजा कैसे हासिल किया, वह वहां कब से है, उसका वीजा किस प्रकार का है और कब खत्म हो रहा है। वह लंदन में कहां रह रहा है, उसका बेटा किस विश्वविद्यालय में पढ़ता है और उसकी पढ़ाई का खर्च कौन उठा रहा है।'
महाराष्ट्र के पुणे से फरार गैंगस्टर निलेश घायवाल की तलाश में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ब्रिटिश उच्चायोग ने पुष्टि की है कि निलेश घायवाल इस समय लंदन में 'विजिटर वीजा' पर है। पुलिस ने बताया कि उच्चायोग ने यह भी सूचित किया है कि ब्रिटेन के संबंधित विभागों को भारत सरकार की तरफ से उसके पासपोर्ट रद्द किए जाने की जानकारी दे दी गई है। पुणे पुलिस को पहले से संदेह था कि शहर का नामी अपराधी निलेश घायवाल ब्रिटेन भाग गया है। इसी आधार पर पुलिस ने ब्रिटिश उच्चायोग से संपर्क कर उसकी गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया था।
धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाया
पुलिस जांच में सामने आया है कि निलेश घायवाल ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार होने की योजना बनाई थी। इस मामले में पुणे पुलिस पहले ही उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है और इंटरपोल के जरिए ब्लू कॉर्नर नोटिस की मांग भी की गई है।
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लंदन में बेटे से मिलने गया था निलेश घायवाल
पुणे के पुलिस उपायुक्त संभाजी कदम ने बताया, 'ब्रिटिश उच्चायोग से हमें मेल प्राप्त हुआ है। उन्होंने पुष्टि की है कि निलेश घायवाल लंदन में है और वह 'विजिटर वीजा' पर वहां अपने बेटे से मिलने गया है। साथ ही, उच्चायोग ने यह भी बताया कि उन्होंने यूके की संबंधित एजेंसी को पासपोर्ट रद्द होने की जानकारी भेज दी है।'
हमले के मामले में था वांछित
गैंगस्टर निलेश घायवाल के फरार होने से कुछ दिन पहले ही उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, 18 सितंबर को पुणे के कोथरूड इलाके में सड़क पर हुए झगड़े के बाद उसके साथियों ने एक व्यक्ति पर गोली चला दी थी, जिसमें वह घायल हुआ था। इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। फिलहाल, पुणे पुलिस ब्रिटिश एजेंसियों के संपर्क में है और जल्द ही उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।