पुलवामा आतंकवादी हमले की जांच में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के विशेषज्ञों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के जांचकर्ताओं की टीम जम्मू-कश्मीर शुक्रवार को रवाना हो गई। हमले में सीआरपीएफ के कम-से-कम 37 जवान शहीद हो गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वर्ष 2016, उरी हमले के बाद राज्य में हुए इस सबसे भयावह आतंकवादी हमले में काफी संख्या में जवानों के शहीद होने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। बृहस्पतिवार को गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अपराध स्थल के फोरेंसिक मूल्यांकन के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद के लिए एनआईए की एक टीम फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ भेजी जा रही हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमले की जांच में ब्लैक कैट कमांडो बल एनएसजी के विस्फोटक विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। बृहस्पतिवार को हुए हमले में केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 37 से ज्यादा जवान शहीद हो गए जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। जैश के एक आत्मघाती हमलावर ने पुलवामा जिले में सीआरपीएफ की एक बस में विस्फोटक लदे वाहन से टक्कर मार दिया।