जम्मू कश्मीर के पुलवामा में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में हमारे 40 जवान शहीद हो गए। गुरुवार को हुए इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। ये सेना पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। देशभर में इस वक्त हर कोई गुस्से में है। लोग अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। देखें तस्वीरें-
सीआरपीएफ जवानों में ज्यादातर के शव इतने क्षत-विक्षत हो गए थे कि साथी जवान आधार कार्ड, छुट्टी की अर्जी और सेना के परिचय पत्र से ही उनकी पहचान कर पाए।
अधिकारियों ने बताया कि धमाके में शवों की हालत ऐसी हो गई थी कि पहचान करना मुश्किल था।
सीआरपीएफ के काफिले में 78 गाड़ियां थीं और करीब 2500 जवान शामिल थे।
जम्मू कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ के अधिकारियों ने जवानों के परिवार को हजारों फोन करने जैसा कठिन काम भी किया है।
अमेरिका समेत कई देश ने कहा है कि वह आतंक के खिलाफ भारत के साथ खड़े हैं।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से फोन पर बात की है।
एनएसए डोभाल ने अपने समकक्ष बोल्टन से मिले सहयोग के भरोसे के प्रति उनका आभार व्यक्त किया।
डोभाल ने कहा कि आतंकी संगठन पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के विरुद्ध कर रहे हैं।
दशकों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, सेना और राज्य का आतंकियों को समर्थन मिल रहा है।
पाकिस्तान में प्रशिक्षण, संसाधन, हथियार मिलता है और सीमा पार से घुपैठ कराई जाती है।
पाकिस्तान उनके विरुद्ध सबूत दिए जाने पर भी ठोस कार्रवाई नहीं करता।
आतंकवाद के विरुद्ध पाकिस्तान के इस रवैय्या पर भारतीय एनएसए ने कड़े कदम उठाने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से सभी आतंकी गुटों को मदद और पनाह देना तत्काल बंद करने को कहा है।
जर्मनी, फ्रांस और रूस ने भी कहा है कि वह भारत के साथ हैं।
भारत भी जैश-ए-मोहमद के सरगना और मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर दबाव बनाएगा।