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पुलवामा इफेक्ट : पांच साल तक कश्मीर का कोई टूर नहीं करेंगे सौराष्ट्र के दो सौ ट्रैवल एजेंट

Wed, 20 Feb 2019 04:00 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सौराष्ट्र

सार

  • पुलवामा में हुए आतंकी हमले के विरोध में लिया फैसला
  • निर्णय से व्यापार पर पड़ेगा तीन सौ करोड़ रुपये का असर
  • हर महीने 80 से 100 यात्री बुक कराते थे कश्मीर टूर
  • सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट्स ने पैकेज से कश्मीर शब्द भी हटाया 
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सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिनव पटेल
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विस्तार
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पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) पर हुए आतंकी हमले के बाद से देशभर में पाकिस्तान विरोध की लहर उठी हुई है। लोग अलग-अलग तरीकों से इस घटना का विरोध दर्शा रहे हैं। इसी कड़ी में सौराष्ट्र के दो सौ ट्रैवल एजेंट्स ने पांच साल तक कश्मीर टूर की एक भी टिकट बुक न करने का फैसला लिया है। सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिनव पटेल ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि देशहित को लेकर यह फैसला लिया गया है। पटेल ने कहा कि जब तक आतंकी हमले बंद नहीं होते, तब तक कश्मीर का एक भी टूर नहीं होगा। 

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पटेल का कहना है कि इस निर्णय से व्यापार पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये की चोट पहुंचेगी, लेकिन देश की सुरक्षा के आगे यह घाटा कुछ भी मायने नहीं रखता। ट्रैवल एजेंट्स ने कश्मीर टूर पर रोक तो लगाई ही है अपने पैकेज से कश्मीर शब्द ही हटा दिया है। इसके साथ ही निर्णय लिया गया है कि यदि किसी पैकेज में कश्मीर का टिकट फ्री हो तो उसे भी अस्वीकार कर दिया जाएगा।

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कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स के हाथ-पांव फूले

सौराष्ट्र के ट्रैवल एजेंट्स के इस निर्णय के बाद से कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स की सांसें हलक में अटक गई हैं। पटेल ने बताया कि कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स ने ऐसा न करने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही एजेंट्स को कई तरह के लालच देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा की गारंटी भी दी, लेकिन सौराष्ट्र के एजेंट्स ने उनकी इस गुहार को पूरी तरह से नकार दिया है। 

240 एजेंट्स ने किया फैसले का समर्थन

कश्मीर टूर रोकने के फैसले का सौराष्ट्र के 170 और रेलवे के 70 एजेंट्स ने अपना समर्थन दिया है। बता दें कि सौराष्ट्र में लोग गर्मी की छुट्टियों में केरल, कश्मीर, कुल्लू-मनाली, शिमला समेत कई हिल स्टेशन जाते हैं। पटेल ने बताया कि हर महीने 80 से 100 पर्यटक कश्मीर व वैष्णो देवी के टूर पर जाते थे। अब इस पर रोक लगाने से व्यापार पर भी काफी प्रभाव पड़ेगा। इस बाबत पटेल ने अमर उजाला से कहा कि आर्थिक फायदा देश के सामने कोई महत्व नहीं रखता। 

इस देश के एक-एक जवान की जिंदगी अमूल्य है। उनसे देश का भविष्य उज्जवल है। हम पर जब भी मुसीबत आएगी, देश का सैनिक हमारे साथ होगा। आज समय है कि हम सैनिकों के साथ खड़े हों। जब तक आतंकी हमले बंद नहीं होते, तब तक एक भी टूर कश्मीर का नहीं होगा। इस तरह का निर्णय भी एक तरह की देशभक्ति ही है। 
अभिनव पटेल, सेक्रेटरी, सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन

2018 में कश्मीर पहुंचे थे 9 लाख पर्यटक

बता दें कि पिछले साल यानी 2018 में जम्मू-कश्मीर की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने करीब नौ लाख पर्यटक पहुंचे थे। इनमें 8.5 लाख घरेलू पर्यटक थे और 50 हजार विदेशी पर्यटक थे। अब सौराष्ट्र के ट्रैवल एजेंट्स के इस फैसले पर यहां के पर्यटन पर असर पड़ना तय है। अकेले सौराष्ट्र से ही 1200 से ज्यादा पर्यटक कश्मीर टूर की बुकिंग करते थे।

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