पुलवामा हमले के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षाबल
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलवामा हमले की पहली बरसी पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को अनिश्चितकाल के लिए हवाई यात्रा का तोहफा दिया है। एनएसजी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, असम राइफल, आईटीबीपी, एसएसबी व सीआईएसएफ जवानों को, जम्मू से श्रीनगर और दिल्ली से श्रीनगर तक आने-जाने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। अगर कोई जवान छुट्टी जाता है तो उसे यह सुविधा जम्मू तक मुहैया कराई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी अर्धसैनिक बलों को अपने इस आदेश से अवगत करा दिया है।
बता दें कि पिछले साल 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही एक बस पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को मिल रही परिवहन सुविधा पर कई तरह के सवाल उठाए गए। पूछा गया कि जब श्रीनगर जम्मू हाइवे पर आतंकी हमले का अलर्ट था तो जवानों को सड़क मार्ग से क्यों रवाना किया गया।
सीआरपीएफ के तत्कालीन डीजी राजीव राय भटनागर ने पुलवामा दौरे के बाद कहा था कि सुरक्षा बलों के काफिले की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए मानक प्रक्रिया में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। हमले के एक सप्ताह बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 21 फरवरी 2019 को यह आदेश जारी कर दिया कि जम्मू से श्रीनगर और दिल्ली से श्रीनगर तक आने जाने के लिए जवानों को हवाई यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
हालांकि उस वक्त यह सुविधा एक साल के लिए दी गई थी। अब 14 फरवरी को पुलवामा हमले की पहली बरसी है, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने जवानों को अनिश्चित काल के लिए हवाई यात्रा का तोहफा दिया है। सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भेजे गए अपने पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि कोई भी जवान जो कश्मीर में तैनात है, वह अपनी ड्यूटी, तबादला और अन्य किसी तरह की ड्यूटी के लिए हवाई मार्ग से यात्रा करेगा यानी वह जम्मू से कश्मीर तक आने जाने के लिए हवाई यात्रा की सुविधा लेगा। इसी तरह दिल्ली से श्रीनगर तक आने जाने के लिए सभी जवान हवाई मार्ग का इस्तेमाल करेंगे। अगर कोई जवान छुट्टी जाता है तो उसे जम्मू तक हवाई सुविधा मिलेगी।