पुडुचेरी की कलेक्टर पूर्वा गर्ग को पानी की जगह बोतल में कथित तौर पर रंगविहीन जहरीला पदार्थ परोसने के मामले की जांच राज्य की सीबी-सीआईडी पुलिस करेगी। पुडुचेरी के पुलिस महानिदेशक बी श्रीवास्तव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुडुचेरी की कलेक्टर व आईएएएस अधिकारी पूर्वा गर्ग को उनके चैंबर में हुई आधिकारिक बैठक के दौरान मिनरल वाटर में जहरीला तरल पदार्थ दिया गया। इस संदर्भ में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुडुचेरी के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इस बारे में पत्र लिखा था। मामले का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल किरण बेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसको लेकर एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने ट्वीट किया कि आईएएस पूर्वा गर्ग को उनके निजी स्टाफ द्वारा कार्यालय में पीने की बोतल में ‘जहरीला’ रंगहीन तरल पदार्थ पीने को दिया गया। डीजीपी बालाजी श्रीवास्तव ने इसकी विशेष जांच के आदेश दिए हैं।
विशेष अधिकारी ए सुरेशराज ने खत में लिखा कि 6 जनवरी को सुबह करीब 11.45 बजे कलेक्टर को निजी स्टाफ द्वारा एक लीटर के पैक्ड पानी की बोतल दी गई। इसी समय जिला कलेक्टर चैंबर में आधिकारिक बैठक चल रही थी। बोतल में पानी की जगह रंगहीन जहरीला तरल पदार्थ मिला। बोतल पर ‘स्विस फ्रेश’ नामक ब्रांड का स्टिकर लगा हुआ था। इस बोतल को जांच के लिए सौंप दिया गया है।
बृहस्पतिवार को कराई पुलिस में शिकायत
कलेक्टर पूर्वा गर्ग को जैसे ही पता चला कि छह जनवरी को एक आधिकारिक बैठक में उनके निजी कर्मचारी द्वारा उन्हें पीने के लिए जो पानी दिया गया था वह वास्तव में जहरीला था तो उन्होंने अपने विशेष अधिकारी के जरिये पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा-284 के तहत जहरीले पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद मामले की जांच तत्काल सीबी-सीआईडी को हस्तांतरित कर दी है।
किरण बेदी बोलीं-स्तब्ध करने वाली घटना
पुडेचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी ने घटना को स्तब्ध करने वाली करार देते हुए संवाददाताओं को जांच सीबी-सीआईडी को हस्तांतरित करने के लिए डीजीपी द्वारा जारी आदेश की प्रति व्हाटसएप पर साझा की है।
इससे पूर्व बृहस्पतिवार को पुडुचेरी के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एक विशेष अधिकारी ने एसएचओ, डी-नगर पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने पत्र में लिखा कि जिला कलेक्टर के कक्ष में एक आधिकारिक बैठक के दौरान एक जहरीला रंगहीन तरल परोसा गया।