पुदुचेरी शायद देश का इकलौता इलाका है, जहां पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए सबसे अहम चुनावी मुद्दा एक है-स्टेटहुड यानी राज्य का दर्जा। एनडीए और डीएमके-कांग्रेस दोनों ही गठबंधन चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। सीएम रंगास्वामी कहते हैं कि स्टेटहुड मिलने तक पुदुचेरी का विकास सिर्फ केंद्र के साथ सरकार में रहकर है। वहीं, राज्य से इकलौते सासंद व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वैतिलिंगम के मुताबिक, लोगों की जरूरत और सरकार के काम में तालमेल जरूरी है, जो सिर्फ राज्य बनने से मुमकिन है। पुदुचेरी वह इलाका है, जिसे भाजपा और कांग्रेस केंद्र में अपनी सीट जुगाड़ने के यंत्र की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं। 30 सीटों और हर सीट पर 25 से 45 हजार तक वोटर वाले इस केंद्रशासित प्रदेश में धर्म, जाति की राजनीति से ज्यादा चुनावी रेवड़ियां असर करती हैं।
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शायद यही वजह है कि राजनीतिक दलों के वादों में दो सिलिंडर, 5 हजार रुपये, ई-स्कूटर से लेकर चावल तक शामिल हैं। इन वादों से सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं का होता है। वजह यह कि, यहां सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त के लुभावने वादों और उनके वोट से ही तय होती है। सभी सीटों पर महिला वोटर ज्यादा हैं। राज्य में 9.45 लाख वोटर हैं, इनमें से 5 लाख महिलाएं हैं। जब महिला उम्मीदवारों की बात आती है, तो एआईएनआरसी व टीवीके से 2, वीसीके व कांग्रेस से 1 महिला को टिकट मिला है। भाजपा ने एक भी नहीं, जबकि अब तक एक भी सीट नहीं जीतने वाली पुरानी पार्टी एनटीके ने 14 सीटों पर महिलाओं को खड़ा किया है।
पुदुचेरी के अब तक के 10 सीएम में एक भी महिला नहीं है। पांडिचेरी यूनिवर्सिटी के प्रो. पनीरसेल्वम के मुताबिक, हर बार चुनाव में सिर्फ 2-3 पार्टियां होती थीं। इस बार तीन बड़े गठबंधन के अलावा कई निर्दलीय व पहली बार चुनाव लड़ने वाली पार्टी के उम्मीदवार भी हैं। इतने सारे उम्मीदवार होने से जीत-हार का मार्जिन कम होगा। पुदुचेरी वह राजनीतिक युद्धक्षेत्र है, जहां सीटों पर उम्मीदवार 20, 87 व 216 वोटों से भी जीते हैं। शायद यही वजह है कि गठबंधन में रहकर भी 5 सीटों पर डीएमके व कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी खड़े होना इस चुनाव का सबसे बड़ा रणधुम्मस बन गया है। कालपीट, राजभवन, थिरुभुवनम, करेकल साउथ और मंगलम यह पांच सीटें हैं।
40 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति
पुदुचेरी में 40 प्रतिशत करोड़पति उम्मीदवार हैं। 23 प्रतिशत ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक केस दर्ज हैं और उनमें भी 1 प्रतिशत पर हत्या जैसे गंभीर मामले हैं। इस बार करीब 27 हजार पहली बार वोट देने जा रहे युवा मतदाता भी हैं, जिनका झुकाव एक्टर विजय की पार्टी टीवीके व श्रीलंका के तमिल मुद्दे की समर्थक एनटीके की ओर है। राज्य के 1.5 लाख युवा बाहर नौकरी करते हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें घर आकर वोट डालने के लिए पेड लीव यानी छुट्टी घोषित की है। पुदुचेरी में 80-85 प्रतिशत वोट तक पड़ते हैं।
चर्चित चेहरों में लॉटरी किंग मार्टिन भी
कांग्रेस के राज्य प्रमुख, दो बार के सीएम, सांसद वैतिलिंगम और 4 बार के सीएम एन रंगास्वामी के अलावा इस बार चर्चित उम्मीदवारों में लॉटरी किंग जोस मार्टिन भी मैदान में हैं। मार्टिन भाजपा, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस को 1,368 करोड़ रुपये की इलेक्टोरल बॉन्ड फंडिंग को लेकर चर्चा में आए थे। जोस कहते हैं कि वह पुदुचेरी को सिंगापुर और हांगकांग बनाना चाहते हैं।
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फ्रांसीसी मूल के थे पहले सीएम
पुदुचेरी का पहले मुख्यमंत्री फ्रांसीसी मूल के थे। यहां आज भी फ्रांस के पांच हजार लोग रहते हैं। इस केंद्रशासित प्रदेश में चार एन्क्लेव भी हैं। जहां चार राज्यों के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के साथ बसते हैं। पहला आंध्र प्रदेश का यनम, केरल का माहे, तमिलनाडु का कराइकल व पुदुचेरी खुद। तमिल, तेलुगु, मलयाली और फ्रेंच के अलावा यहां अंग्रेजी और बहुत थोड़ी हिंदी बोली जाती है।